नई दिल्ली. पशुपालन में कई ऐसी बातें हैं, जिनका ध्यान रखना पशुपालकों के लिए जरूरी होता है. खासतौर पर गर्मी में पशु दूध उत्पादन कम न करे, इसके लिए बहुत ही जरूरी है कि पशुओं का और ज्यादा ख्याल किया जाए. गर्मी में पशुओं में एक कॉमन प्रॉब्लम डिहाइड्रेशन की होती है. इस समस्या से पशुओं को गंभीर समस्या हो सकती है. अगर वक्त रहते इसका इलाज नहीं किया जाए तो पशु की मौत हो सकती है. ऐसे में पशुपालक को बड़ा नुकसान उठाना पड़ेगा. एक्सपर्ट की मानें तो निर्जलीकरण का प्रभाव आम तौर पर कमज़ोर एवं बीमार पशुओं में अधिक देखा जाता है. आइए पशुओं में निर्जलीकरण के प्रमुख लक्षणों के बारे में जानते हैं.
पशु मादा रोग एंव प्रसूति विज्ञान विभाग, पशु चिकित्सा एवं पशु महाविद्यालय नानाजी देशमुख पशु चिकित्सा विज्ञान महाविद्यालय की डॉ. सलीमा अहमदी क़ादरी, डॉ. एकनाथ विरेंद्र, डॉ. मनीष कुमार शुक्ला, डॉ. ओम प्रकाश श्रीवास्तव के मुताबिक ऐसी स्थिति में आखें धसी हुई दिखती है. पशु के पेशाब का रंग पीला प्रतीत होता है। पशु का व्यवहार सुस्त रहता है और त्वचा रूखी होती है.
पाचन शक्ति ठीक नहीं रहती : शरीर में तरल की कमी होने की वजह से, त्वचा को उंगलियों से खींच कर पकड़ने से वह तुरंत सामान्य नहीं होती तथा कुछ छण के लिए त्वचा की सतह उठी हुई रहती है (tenting of skin). शरीर के विकार भलिभांति बाहर नहीं निकल पाते है. पाचन शक्ति ठीक नहीं होने के करण गोबर सूखा होता है. गंभीर स्थिति में कब्ज़ के लक्षण होते है. यह समस्या उन इलाकों में ज्यादा देखने को मिलती है जहा नमी एवं तापमान दोनों अधिक होते है. 15 से 20 प्रतिशत से ज्यादा निर्जलीकरण पशुओं के लिए जानलेवा हो सकता है और पशु बेहोश हो सकता है, तुरंत इलाज ना मिलने पर पशु की मृत्यु तक हो सकती है.
पशुओं को कैसे बचाएं : पशुओं को छायादार एवं हवादार स्थान पर बांधे. पशुओं को पीने का ठण्डा पानी हमेशा उपलब्ध कराएं। 10 लीटर पानी में 100 ग्राम नमक मिलाकर पिलायें. पशुओं के लिए पंखे या कूलर की व्यवस्था करें। पशुओं को हरा चारा पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध करायें. साधारण निर्जलीकरण से पीड़ित पशुओं के पानी में इलेक्ट्रोलाइट मिलाकर दिन में तीन बार पिलायें. इलेक्ट्रोलाइट का घोल घर पर ही 20 लीटर पानी में 140 ग्राम नमक, 25 ग्राम पोटैशियम क्लोराइड और 10 ग्राम कैल्शियम क्लोराइड मिलाकर बनाया जा सकता है. निर्जलीकरण से प्रभावित पशु को दिन में 60-70 लीटर इलेक्ट्रोलाइट घोल 3 से 4 बार में देना चाहिए. गंभीर निर्जलीकरण की स्थिति में निकटतम पशु चिकित्सक से परामर्श करें, या पशु चिकित्सालय, विटरनरी कॉलेज, नाना जी देशमुख पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय, जबलपुर लायें.