नई दिल्ली. पशुपालन करने वाले किसान भाई आपको पशुपालन के दौरान कई ऐसी बातों पर अमल करना पड़ता है, जिससे पशुपालन में आपको ज्यादा फायदा मिले. अगर आप ऐसा नहीं करते तो पशुपालन में आपको फायदा भी नहीं मिलेगा बल्कि नुकसान भी हो सकता है. एनिमल एक्सपर्ट का कहना है कि पशुओं को अक्सर लिवर टॉनिक पिलाने की जरूरत पड़ती है. जिसका फायदा पशुओं को मिलता है. अगर पशु सही से खा पी नहीं रहा है और अगर खा पी भी रहा है और उसके शरीर में लग नहीं रहा है तो ऐसी अवस्था में लिवर टॉनिक दिया जाता है.
डेयरी पशुओं लिवर टॉनिक उस समय में दिया जाता है जब पशुओं का दूध उत्पादन कम हो जाता है या फिर कोई अन्य समस्या हो जाती है. कुल मिलाकर कहा जाए तो लिवर टॉनिक देने के कई फायदे हैं लेकिन यहां यह भी जानना पड़ेगा कि लिवर टॉनिक कब देना चाहिए और कितनी मात्रा में देना चाहिए. इस बारे में हम आपको यहां बताने जा रहे हैं.
10 दिनों तक ही लिवर टॉनिक पिलाना चाहिए
अगर लिवर टॉनिक की मात्रा की बात की जाए कि पशुओं को कितनी दी जानी है तो एक व्यस्क पशु को यानी जिसे हम दुधारू पशु भी कह सकते हैं, उसे 50 एमएल लिवर टॉनिक एक टाइम देना चाहिए. यानी दोनों समय मिलकर 100 एमएल एक दिन में लिवर टॉनिक दी जा सकती है. यहां सबसे ज्यादा ध्यान देने वाली बात यह भी है कि लिवर टॉनिक को हमेशा नहीं देना है. सिर्फ 10 दिनों तक ही पिलाना है. 10 दिन तक पिलाने के बाद इसे बंद कर दें. एक्सपर्ट कहते हैं कि इसे लगातार नहीं देना चाहिए. सिर्फ 10 दिनों के बाद बंद कर देना चाहिए.
कब्ज और दस्त में कितनी मात्रा में पिलाएं
सवाल यह भी बनता है कि पशुओं को इसे कब दिया जाए तो बता देंगे अगर पशुओं में किसी भी तरह की समस्या दिख रही है तो आप उसे लिवर टॉनिक दे सकते हैं. मान लीजिए कि आपके पशु को कब्ज की शिकायत हो गई है तो इस स्थिति में आप पशुओं को डबल मात्रा में लिवर टॉनिक पिलाएं. यानी 50 एमएल नहीं एक टाइम में 100 एमएल लिवर टॉनिक देना चाहिए. वहीं जब पशु को दस्त हो जाए तब इसकी मात्रा बिल्कुल ही कम कर देना है. यानी तब 25 ग्राम सुबह 25 ग्राम शाम में लिवर टॉनिक दी जा सकती है. जबकि अन्य समस्याओं में आप इसे 50—50 ग्राम की डोज में पिला सकते हैं. बता दें कि पशुओं को फीड और पानी में मिलाकर लिवर टॉनिक दी जा सकती है.