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GADVASU: जूनोटिक समेत इन खतरों में वन हेल्थ है अहम, इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस में निकलकर सामने ये अहम बात

इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस में मौजूद एक्सपर्ट.

नई दिल्ली. गुरु अंगद देव वेटरनरी एंड एनिमल साइंसेज यूनिवर्सिटी, लुधियाना में एडवांसिंग वन हेल्थ कॉन्सेप्ट टू एक्शन फॉर प्रमोटिंग ह्यूमन, एनिमल एंड एनवायर्नमेंटल हेल्थ” पर इंटरनेशनल सिंपोजियम और इंडियन एसोसिएशन ऑफ़ वेटरनरी पब्लिक हेल्थ स्पेशलिस्ट्स (IAVPHS) की 21वीं सालाना कॉन्फ्रेंस की शुरुआत हुई. इस मौके पर भारत और विदेश से 200 से ज्यादा डेलीगेट्स शामिल हुए, जिनमें साइंटिस्ट्स, क्लिनिशियन्स, एकेडेमिक्स, पॉलिसीमेकर्स और स्टूडेंट्स शामिल थे. आयोजक सचिव डॉ. जे. एस. बेदी ने कहा कि भारी संख्या में लोगों का शामिल होना वन हेल्थ रिसर्च और एक्शन को आगे बढ़ाने के लिए देश भर में कमिटमेंट को दिखाता है.

वहीं डॉ. गिल ने उभरते हुए जूनोटिक खतरों, एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस, क्लाइमेट से जुड़े रिस्क और फूड सेफ्टी चैलेंज से निपटने में वन हेल्थ की बढ़ती इंपॉर्टेंस पर जोर दिया. डॉ. गिल ने इंटरडिसिप्लिनरी रिसर्च और कैपेसिटी बिल्डिंग में यूनिवर्सिटी की लीडरशिप पर जोर दिया और इस सिंपोजियम को भारत में वन हेल्थ को लागू करने में तेज़ी लाने के लिए एक सही समय पर मिला प्लेटफॉर्म बताया.

एक्सपर्ट ने क्या-क्या कहा
दयानंद मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (DMCH) के प्रिंसिपल प्रो. गुरप्रीत सिंह वांडर ने जूनोटिक और एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस चैलेंज का समय पर पता लगाने और उनसे निपटने में मेडिकल-वेटरनरी पार्टनरशिप की ज़रूरी भूमिका पर ज़ोर दिया.

बाबा फरीद यूनिवर्सिटी ऑफ़ हेल्थ साइंसेज (BFUHS) के वाइस-चांसलर प्रो. राजीव सूद ने देश की तैयारी को मज़बूत करने के लिए क्रॉस-सेक्टरल कैपेसिटी, जॉइंट ट्रेनिंग प्रोग्राम और शेयर्ड डेटा सिस्टम बनाने की बात कही.

भारत सरकार के पूर्व सचिव डॉ. तरुण श्रीधर (IAS रिटायर्ड) ने राष्ट्रीय नीति संरेखण और शासन ढांचे में वन हेल्थ को एकीकृत करने के महत्व पर अपनी बात रखी.

IAVPHS के महासचिव डॉ. आर. जे. ज़ेंडे ने एसोसिएशन की वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत की, जिसमें पूरे भारत में पशु चिकित्सा सार्वजनिक स्वास्थ्य को मजबूत करने के उद्देश्य से प्रमुख उपलब्धियों और पहलों की रूपरेखा दी गई.

सम्मेलन में एम्स बठिंडा और गुरु अंगद देव पशु चिकित्सा और पशु विज्ञान विश्वविद्यालय के बीच एक समझौता ज्ञापन (MOU) पर भी हस्ताक्षर किए गए.

समारोह में स्मारिका-सह-संग्रह का विमोचन और IAVPHS पुरस्कार प्रदान करना भी शामिल था.

आयोजन सचिव डॉ. आर.एस. औलाख ने इस कार्यक्रम को सफल बनाने में सभी गणमान्य व्यक्तियों, सहयोगियों, प्रायोजकों, शिक्षकों, छात्रों और प्रतिनिधियों के प्रति आभार व्यक्त किया.

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