नई दिल्ली. ऐसे बहुत से युवा हैं जो अच्छी नौकरियां छोड़कर मुर्गी पालन जैसे कामों में अपनी किस्मत आजमा रहे हैं. ऐसे में वो युवा जो बेरोजगार हैं अपने लिए किसी काम की तलाश में है तो वो चाहें तो बिल्कुल कम लागत में इस काम को कर सकते हैं. जी हां, बेहद कम लागत में यानि आप 10 हजार रुपए खर्च करके मुर्गी पालन कर सकते हैं और बदले में अच्छा मुनाफा कमाने का आपको मौका मिलेगा. जैसे—जैसे इस काम में अनुभव बढ़ता जाएग, आगे काम और बड़ा होता चला जाएगा.
इस आर्टिकल में हम आपको सिर्फ 10 हजार रुपए में मुर्गी पालन का तरीका समझाएंगे. जिससे आपको ये फैसला करने में आसानी होगी कि इस काम को करें या नहीं. हालांकि मुर्गी पालन करने वाले अधिकतर किसानों का कहना है कि इस का में थोड़ा वक्त देने के बाद फायदा होने लगता है.
लागत के बार में जानें यहां
▶️ सबसे पहले तो मुर्गी घर यानि शेड का निर्माण करें जिसमें ढाई हजार रुपए तक खर्च आ सकता है.
▶️ शुरुआत में महंगा पक्का शेड बनाने की जरूरत नहीं है. घर के किसी खाली हवादार कमरे में या बांस, लकड़ी, तिरपाल व पुरानी टीन शेड तैयार करें.
▶️ फिर चूजे खरीदें. यदि 50 सोनाली देसी चूजे खरीदते हैं तो एक दिन के चूजे की कीमत औसतन 25 रुपए है तो 50 चूजों का कुल खर्च एक हजार 250 आएगा.
▶️ शुरुआती ब्रूडिंग में इस्तेमाल होने वाला लकड़ी का बुरादा, हीटिंग बल्ब, 2 महीने का रेडीमेड स्टार्टर दाना और जरूरी दवाइयों पर 6 हजार 250 रुपए खर्च होगा.
आहार और पालन-पोषण प्रबंधन भी जानें
▶️ दाने के खर्च घटाने के लिए पहले 2 महीने कमर्शियल दाना खिलाने के बाद मुर्गियों को दिन में बाहर घूमने (फ्री-रेंज) के लिए छोड़ें.
▶️ इन्हें घर का बना दाना, बचा हुआ अनाज, चावल, मक्का और हरा चारा खिलाएं, जिससे दाने का खर्च काफी कम हो जाता है.
▶️ 4 से 5 महीने पालने पर हर एक मुर्गी का वजन औसतन 1.5 किलो से 1.6 किलो तक पहुंच जाता है.
▶️ मान लें कि 50 में से 5 मुर्गियां मर (Mortality) गईं तो आपके पास 45 मुर्गियां स्वस्थ बचती हैं.
▶️ इस तरह 45 मुर्गियां का 1.5 किलो वजन के हिसाब से 67.5 किलो कुल वजन बनेगा.
▶️ यदि 270 प्रति किलो के भाव से एक मुर्गी को बेचते हैं, तो कुल बिक्री 18 हजार 225 होगी.
▶️ जबकि 300 प्रति किलो का भाव मिलता है, तो कुल बिक्री 20 हजार 250 होगी.
▶️ ऐसे में मुनाफा 8 हजार से लेकर 10 हजार रुपए के बीच होगा.
निष्कर्ष
इस छोटे बैच से किसान को मुर्गी पालन का व्यावहारिक अनुभव हासिल होगा और इस मुनाफे को फिर से निवेश कर दिया जाए तो अगले बैच में मुर्गियों की संख्या बढ़ाकर बड़े पैमाने पर फार्म शुरू किया जा सकता है, जिससे कमाई अच्छी होगी.












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