नई दिल्ली. यदि आप देसी मुर्गियों को पालकर उन्हें बड़ा करके बेचना चाहते हैं तो इसके लिए जरूरी है कि मुर्गियों का वजन जल्दी—जल्दी बढ़े. यानि वो जल्दी से बेचने लायक वजन हासिल कर लें ताकि आप उन्हें बेचकर अच्छी कमाई कर सकें. पोल्ट्री एक्सपर्ट का कहना है कि ये करना मुमकिन भी है. हालांकि इसके लिए पोल्ट्री फॉर्मर्स को लगन के साथ मुर्गी पालन करना होगा और उनकी देखरेख में कोई भी लापरवाही बरतने से बचना होगा. अगर मुर्गी पालक ऐसा करने में कामयाब होता है तो फिर मुर्गियों का वजन तय समय पर ही बढ़ जाएगा.
इस रिपोर्ट में लाइव स्टॉक एनिमल न्यूज आपको मुर्गियों का वजन तेजी से बढ़ाने के लिए 4 सबसे महत्वपूर्ण प्रबंधन नियमों के बारे में विस्तार से बताने जा रहा है. इसलिए रिपोर्ट को गौर से पढ़ें.
तापमान और ब्रूडिंग मैनेजमेंट (1 से 14 दिन)
चूजों के फार्म में आते ही पहले दिन से लेकर 14वें दिन तक सही तापमान पर ब्रूडिंग करना सबसे महत्वपूर्ण है.
यदि तापमान कम रहेगा, तो चूजों को ठंड लगेगी, वे दाना-पानी छोड़ देंगे और एक जगह इकट्ठा होकर एक-दूसरे के नीचे दबकर मर जाएंगे.
पहले हफ्ते में तापमान 32°C से 33°C बनाए रखें. इसके बाद हर हफ्ते तापमान में 3 डिग्री सेल्सियस की कमी करते जाएं.
शुरुआती दिनों में सही ब्रूडिंग मिलने से चूजों की प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है और आगे चलकर वजन तेजी से बढ़ता है.
सही फीड और न्यूट्रिशन (Feed & Nutrition)
लागत घटाने के चक्कर में शुरुआती दिनों में खराब या कम पोषण वाला दाना न दें.
1 से 10 दिन तक चूजों को उच्च गुणवत्ता वाला प्री-स्टार्टर (Pre-starter) दाना ही खिलाएं.
10 दिन के बाद देसी मुर्गियों के लिए तैयार स्टार्टर (Starter) दाना देना शुरू करें.
शुरुआती 10 दिनों का संतुलित पोषण ही मुर्गियों के पूरे विकास और तेजी से वजन बढ़ने की नींव रखता है.
पानी प्रबंधन और लिवर टॉनिक
मुर्गियां जितना अधिक और सुचारू रूप से पानी पिएंगी, उतना ही बेहतर दाना खाएंगी और पचाएंगी.
हमेशा साफ और ताजा पानी दें. बर्तनों को नियमित धोएं.
पशु चिकित्सक की सलाह के अनुसार पीने के पानी में लिवर टॉनिक (Liver Tonic) और मल्टीविटामिन जरूर मिलाएं.
लिवर टॉनिक से पाचन तंत्र मजबूत होता है, जिससे खाया गया दाना पूरी तरह शरीर को लगता है और वजन तेजी से बढ़ता है.
स्ट्रेस (तनाव) मैनेजमेंट और पर्याप्त जगह
मुर्गियों को कभी भी कम जगह में अत्यधिक संख्या (Overcrowding) में न रखें
शेड ऐसी जगह न बनाएं जहां ज्यादा शोर-शराबा हो.
तनाव और भीड़भाड़ में रहने पर मुर्गियों का वजन गिरने लगता है, चाहे आप कितना भी अच्छा दाना खिला लें
अगर शेड 200 मुर्गियों के लिए बना है, तो उसमें 200 से अधिक मुर्गियाँ न रखें.
निष्कर्ष
देसी मुर्गियों के लिए बैठने की जगह के तौर पर शेड के अंदर बांस या लकड़ी की बल्लियां बांधें. क्योंकि देसी मुर्गियां ऊंचाई पर बैठना पसंद करती हैं. इससे उनका तनाव कम होता है और वे सहज रहती हैं. इससे उनका वजन तेजी से बढ़ता है.












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