नई दिल्ली. राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (NDDB) के चेयरमैन डॉ. मीनेश शाह ने नई दिल्ली के अटल अक्षय ऊर्जा भवन में सहकारिता मंत्रालय, भारत सरकार के पशुपालन एवं डेयरी विभाग और जापान के अर्थव्यवस्था, व्यापार एवं उद्योग मंत्रालय (METI) के बीच हुई चर्चाओं में भाग लिया. इन चर्चाओं का उद्देश्य 2 जुलाई, 2026 को हस्ताक्षरित समझौता ज्ञापन (MoU) के तहत डेयरी क्षेत्र में स्थिरता और सर्कुलरिटी (चक्रीय अर्थव्यवस्था) को बढ़ावा देना था. इसमें मुख्य रूप से डेयरी सहकारी समितियों के माध्यम से कंप्रेस्ड बायोगैस (CBG) बुनियादी ढांचे का विस्तार करना शामिल है.
यह बैठक भारत सरकार के सहकारिता मंत्रालय के सचिव डॉ. आशीष कुमार भूटानी और जापान के METI में अंतरराष्ट्रीय मामलों के उप-मंत्री श्री मासायोशी अराई की उपस्थिति में आयोजित की गई.
एक हजार प्लांट स्थापित होगा
भारत-जापान सहयोग ढांचे के तहत, दोनों पक्षों ने डेयरी सहकारी क्षेत्र में चरणबद्ध तरीके से 1,000 CBG संयंत्र स्थापित करने की योजना बनाई है.
इसमें NDDB को डेयरी सहकारी समितियों के माध्यम से इन संयंत्रों को स्थापित करने वाली कार्यान्वयन एजेंसी (implementing agency) बनाया गया है.
परियोजना विकास में सहायता, टिकाऊ वित्तपोषण की सुविधा और व्यापक तकनीकी सहयोग को मजबूत करने के लिए जापान इंटरनेशनल कोऑपरेशन एजेंसी (JICA) के साथ मिलकर काम करने की योजना है.
कार्यान्वयन एजेंसी के रूप में, NDDB CBG संयंत्र स्थापित करने के लिए डेयरी सहकारी समितियों और दोनों देशों के हितधारकों के साथ मिलकर काम करेगा.
पशुओं के गोबर को एक मूल्यवान संसाधन के रूप में उपयोग करके, इस पहल का उद्देश्य डेयरी किसानों के लिए आय के अतिरिक्त स्रोत बनाना, स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा देना और जैविक उर्वरकों के निर्माण में मदद करना है.
यह डेयरी खेती को नवीकरणीय ऊर्जा और खाद प्रबंधन के साथ जोड़ने को भी मजबूत करेगा, जिससे ‘वेस्ट-टू-वेल्थ’ (कचरे से धन) और एक सर्कुलर ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लक्ष्यों को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी.
इस बैठक में सहकारिता मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव श्री पंकज कुमार बंसल और संयुक्त सचिव रमन कुमार, पशुपालन एवं डेयरी विभाग (FAHD मंत्रालय) के सहायक आयुक्त सुधांशु शेखर शामिल हुए.
इसके अलावा सहकारिता मंत्रालय, पशुपालन एवं डेयरी विभाग (DAHD) और विदेश मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी, साथ ही दक्षिण पश्चिम एशिया कार्यालय के निदेशक श्री डाइसुके असाकुरा और NEDO के मुख्य प्रतिनिधि श्री मासाफुमी सेंडा भी शामिल हुए.
METI के क्षेत्रीय प्रतिनिधि श्री टोयोकाज़ु नागामुने और जापान के दूतावास के प्रतिनिधियों सहित अन्य वरिष्ठ जापानी अधिकारी.
कार्यान्वयन एजेंसी के रूप में, NDDB सभी हितधारकों के साथ मिलकर डेयरी सहकारी समितियों के साथ CBG प्लांट स्थापित करने के लिए काम करेगी.
साथ ही किसानों के लिए मूल्य सृजित करने और भारत के ‘वेस्ट-टू-एनर्जी’ (कचरे से ऊर्जा) तथा जैविक उर्वरक लक्ष्यों को समर्थन देने के लिए तत्पर है.












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