नई दिल्ली. पशुपालन और डेयरी विभाग भारत सरकार के सचिव नरेश पाल गंगवार ने हाल ही में एनडीडीबी द्वारा प्रबंधित पराग मिल्क उत्तर प्रदेश के वाराणसी दुग्ध संघ, रामनगर में एनडीडीबी के सहयोग से स्थापित गोबर आधारित बायोगैस संयंत्र का दौरा किया. इसे जुलाई 2023 में शुरू किया गया था. इस प्लांट की खासियत है कि इससे किसानों से प्रतिदिन 100 मीट्रिक टन गोबर संकलित किया जाता है और इसके जरिए 4,000 घन मीटर बायोगैस का उत्पादन किया जाता है. जिसकी मदद डेयरी प्लांट के बॉयलर में लाइट डीजल ऑयल (LDO) की जगह पूरी तरह से बायोगैस का उपयोग कर स्टीम तैयार की जा रही है, जिससे थर्मल एनर्जी की आवश्यकताएँ पूरी हो रही हैं.
साथ ही बायोगैस से इलेक्ट्रिसिटी का उत्पादन भी किया जा रहा है. लगातार ऊर्जा (Sustainable Energy) के उपयोग को बढ़ावा देने वाली यह पहल बहुआयामी लाभ दे रही है. अहम बात ये है कि इससे किसानों की आय बढ़ाने के साथ साथ गोबर के ऊर्जा एवं उर्वरक के रूप में उपयोग से चक्रीय अर्थव्यवस्था (Circular Economy) की परिकल्पना को भी साकार हो रही है.
जैविक खाद की जा रही है तैयार
वाराणसी दुग्ध संघ, प्रोजेक्ट गिर वाराणसी तथा काशी दुग्ध उत्पादक संस्था के निदेशकों, सदस्यों एवं लाभार्थियों से संवाद किया.
किसानों को अब दूध के साथ गोबर का भी भुगतान मिल रहा है और प्लांट में प्रतिवर्ष लगभग 1,500 मीट्रिक टन जैविक खाद तैयार हो रही है.
वहीं नरेश पाल गंगवार ने बायोगैस प्लांट से प्राप्त स्लरी को जैविक खाद के रूप में अपनाने पर बल दिया.
उन्होंने कहा कि इसके व्यापक उपयोग से कृषि उत्पादकता बढ़ेगी और वेस्ट टू वेल्थ पहलों के माध्यम से किसानों के लिए अतिरिक्त आय के अवसर भी बनेंगे.
दुग्ध संघ के दुग्ध प्रसंस्करण संयंत्र का भी अवलोकन किया, जिसे एनडीडीबी के प्रबंधन में कई नए उत्पादों के साथ विस्तारित किया गया है. इसकी क्षमता का समुचित उपयोग किया जा रहा है.
इस अवसर पर आयोजित बैठक में दुग्ध संघ की किसान केंद्रित गतिविधियों, अब तक की प्रगति तथा भावी योजनाओं पर प्रेजेंटेशन दिया गया.
गौरतलब है कि नवंबर 2021 में एनडीडीबी द्वारा प्रबंधन संभालने के बाद घाटे में चल रहे इस दुग्ध संघ का सफल पुनरुद्धार हुआ है.
आज संघ 820 दुग्ध समितियों के करीब 42,000 किसानों से प्रतिदिन 1.65 लाख लीटर दूध का संकलन कर रहा है.
साथ ही अन्य डेयरी सहकारिताओं को भी प्रोसेसिंग सुविधा उपलब्ध कराते हुए प्रतिदिन 2.5 लाख लीटर से अधिक दूध का प्रोसेस कर रहा है.
किसानों को अब तक 686 करोड़ रुपए का सीधा बैंक भुगतान किया जा चुका है. सचिव महोदय ने एनडीडीबी के कार्यों की सराहना की और इनके प्रभावी विस्तार हेतु मार्गदर्शन प्रदान किया.











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