नई दिल्ली. जो खबर सामने आ रही है, वो अंडों का इस्तेमाल करने वालों के लिए बुरी साबित होगी. साथ ही प्रोटीन का सबसे सस्ता सोर्स अब महंगा हो सकता है. दरअसल, देश में जब से E20 पेट्रोल लागू हुआ है तब से ही इसकी यह लगातार चर्चा में बना हुआ है. अभी तक लोग इसके कारण गाड़ियों का माइलेज कम होने की बात कह रहे थे और ये भी कहते मिले हैं कि इससे गाड़ियों के इंजन पर असर आ रहा है. तो वहीं अब कहा जा रहा है कि इथेनॉल वाले पेट्रोल के कारण अंडों की कीमत बढ़ रही है.
हो सकता है कि आप ये जानकर हैरान हो गए हैं, कि अंडे का इथेनॉल वाले पेट्रोल से क्या कनेक्शन है. असल में एक्सपर्ट आशंका जता रहे हैं कि आने वाले समय में अंडों की कीमत 20 रूपये से लेकर 25 रुपये प्रति अंडे तक भी पहुंच सकती है. यदि ऐसा हुआ तो मिडिल क्लास की थाली से एक महत्वपूर्ण प्रोटीन सोर्स हट सकता है. इसलिए इसको लेकर चिंता जाहिर की जा रही है.
क्या है कनेक्शन, जानें यहां
असल में इथेनॉल को बनाने के लिए गन्ने के साथ ही मक्के का इस्तेमाल भी किया जा रहा है.
गन्ने के इस्तेमाल से जहां एक तरफ चीनी महंगी हुई है. तो मक्का के इस्तेमाल से अंडा भी महंगा हो सकता है.
क्योंकि इस दरमियान मक्के की कीमतों में उछाल भी आया है. जिससे पोल्ट्री फीड महंगा होगा और इसका असर अंडा उत्पादन पर दिखेगा.
असल में पोल्ट्री फार्मर्स भी मुर्गियों को फीड के तौर पर मक्के के दाना देते हैं. फीड में सबसे ज्यादा इसी का इस्तेमाल किया जाता है.
ऐसे में बढ़ती मक्के की कीमत पोल्ट्री फार्मर्स की लागत को बढ़ा रही है. अब लागत बढ़ेगी तो पोल्ट्री फॉर्मर्स अपने घर से तो इसे लगाएंगे नहीं.
जब लागत बढ़ेगी तो जाहिर की अंडों के उत्पादन की लागत बढ़ने से अंडों के दाम आसामन छू सकते हैं.
बताया ये भी जा रहा है कि लागत बढ़ने के कारण कई किसान तो पक्षियों की संख्या कम कर रहे हैं.
बाजार में जब किसी प्रोडक्ट की डिमांड ज्यादा हो जाती है, तब भी दाम में उछाल देखने को मिलता है. जो अंडे की कीमतों में देखने को भी मिल रहा है.










