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Fish Farming: बिहार सरकार मछली पालकों को फ्री में दे रही है ट्रेनिंग, मौके का उठाएं फायदा

तालाब में खाद का अच्छे उपयोग के लिए लगभग एक सप्ताह के पहले 250 से 300 ग्राम प्रति हेक्टेयर बिना बुझा चूना डालने की सलाह एक्सपर्ट देते हैं.
तालाब में मछली निकालते मछली पालक

नई दिल्ली. बिहार सरकार के डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग की ओर से राज्य के मछली किसानों के लिए मत्स्य प्रशिक्षण और प्रसार योजना चलाई जा रही है. जिससे मछली किसानों को मछली पालन की बारीकियां सीखने का मौका मिलेगा. इससे मछली उत्पादन को बढ़ाने में भी मदद मिलेगी. सरकार की तरफ से वित्तीय वर्ष 2026-27 में “मत्स्य प्रशिक्षण एवं प्रसार योजना” के तहत आवेदन आमंत्रित भी गए हैं. यानि जो लोग इस योजना का फायदा उठाना चाहते हैं उन्हें आवेदन करना होगा. इस योजना का मुख्य उद्देश्य राज्य के मछली किसानों को नई मात्स्यिकी व मत्स्य पालन तकनीक में प्रशिक्षित करते हुए मत्स्य उत्पादन एवं मत्स्य पालकों के वार्षिक आय में वृद्धि करना है.

सरकार की तरफ से यह मछली पालन की ट्रेनिंग को पूरी तरह से फ्री रखा गया है. जिससे ज्यादा से ज्यादा लोग इसका फायदा ले सकें. लाभार्थी से निबंधन शुल्क के अतिरिक्त कोई भी राशि नहीं ली जा रही है.

योजना का लाभ, यहां पढ़ें
▶️ मत्स्य प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत राज्य के बाहर और राज्य के अंदर मात्स्यिकी संस्थानाओं में कुल 33 बैचों में राज्य के कुल 9685 मछली किसानों और मछुआरों को प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाएगा.

▶️ प्रशिक्षण योजना के तहत केवल राज्य के बाहर के प्रशिक्षण संस्थानों में जाने-आने के लिए मछली पालकों को मार्ग का खर्च देना होगा.

▶️ इस योजना के तहत राज्य के अंदर के प्रशिक्षण संस्थानों व केन्द्रों में प्रशिक्षण के लिए आने जाने का कोई खर्च नहीं लिया जाएगा.

▶️ केन्द्रीय मात्स्यिकी शिक्षा संस्थान, कीकीनाडा में प्रशिक्षण लेने वाले मछली पालकों को अपने निबंधन के लिए दो सौ पचास रुपये देना होगा.

▶️ वहीं अन्य सभी प्रशिक्षण संस्थानों, केन्द्रों में प्रशिक्षण लेने वाले प्रशिक्षणर्थी एक सौ रूपये (100) निबंधन शुल्क अपने जिला के जिला मत्स्य कार्यालय में जमा करना होगा.

▶️ जो ट्रेनिंग लेंगे उन्हें तीन वर्ष बाद ही फिर से प्रशिक्षण के लिए चयन किया जा सकेगा, लेकिन चयन में पहली बार प्रशिक्षण लेने वाले किसानों को प्राथमिकता दी जाएगी.

▶️ राज्य के मछली पालक जो निजी, पट्टा पर या सरकारी तालाब व जलकर में मछली पालन का कार्य कर रहे हों, वो इसका फायदा ले सकते हैं.

▶️ प्रखंड स्तरीय मत्स्यजीवी सहयोग समिति के सक्रिय सदस्य हों, वो भी इसके लिए पात्र हैं.

▶️ मछली किसान जो मछली पालन करना चाहते हों या बैंक ऋण स्वलागत से मत्स्य पालन से संबंधित योजनाओं का फायदा लिया है, उन्हें भी ट्रेनिंग दी जाएगी.

▶️ वहीं संबंधित जिला मत्स्य कार्यालय द्वारा चयनित होने वालों को प्राथमिकता के आधार पर या फिर संबंधित कार्यालय में आवेदन समर्पित किया हो तो प्रशिक्षण के लिए पात्र होंगे.

निष्कर्ष
योजना के लिए आवेदन https://fisheries.bihar.gov.in/ पर ऑनलाइन (Online) के माध्यम से प्राप्त किए जायेंगे. इस योजना के विस्तृत जानकारी विभागीय वेबसाईट https://state.bihar.gov.in/ahdCitizenHome.html पर है. यदि आप मछली पालन करना चाहते हैं तो इस योजना का फायदा उठाएं. जिससे मछली पालन में आपको अच्छा फायदा मिलेगा.

Written by
Livestock Animal News Team

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