नई दिल्ली. बकरी पालन का काम शुरू करना चाहते हैं तो जरूर करें. क्योंकि ये काम सिर्फ और सिर्फ फायदा देने वाला काम है. गोट एक्सपर्ट कहते हैं कि बकरियों के मीट और दूध से बहुत अच्छी कमाई होती है. जबकि बकरीद जैसे त्योहार को ध्यान में रखकर किए गए बकरी पालन में तो मुनाफा मनचाहा मिलता है. क्योंकि तब इसका दाम बकरी पालक को उसके मुताबिक ही मिलता है. हालांकि बकरी पालन शुरू करने से पहले कुछ बातों ध्यान रखना बेहद ही जरूरी है. यानि इन कुछ अहम बातों की जानकारी बकरी पालकों को होनी चाहिए.
बकरी पालन की शुरुआत से पहले कम से कम 5 हिसाब को समझ लें. जान लें कि सही योजना से ही सफल शुरुआत की जा सकती है. सही योजना नहीं बनाएंगे तो फिर इस काम में फायदा नहीं कमा पाएंगे.
अच्छी नस्ल की बकरी चुनें
बकरी का चुनाव करते वक्त देखें कि बकरी स्वस्थ हो.
बकरी एक्टिव और अच्छी नस्ल की होनी चाहिए.
दूध देने वाली या अच्छी शारीरिक बनावट वाली बकरियां चुनना चाहिए.
उम्र की बात करें तो 1.5 से 3 साल के बीच बेहतर होती है.
चारे की लागत जरूर निकाल लें
हरी घास, सूखा चारा और दाना (कंसन्ट्रेट) का हिसाब लगाएं.
इसके अलावा अपने क्षेत्र में उपलब्ध चारे के स्रोत देखें.
जान लें कि चारा खुद उगाएं तो लागत कम होगी. कम लागत में बेहतर उत्पादन मिलेगा.
शेड और पानी की व्यवस्था
बकरियों के लिए हवादार और सूखा शेड बनाएं.
फार्म के अंदर हर बकरी के लिए पर्याप्त जगह दें.
बकरियों के लिए साफ पानी हमेशा उपलब्ध रखें.
हर तरह के मौसम से बकरियों की सुरक्षा करें.
वैक्सीनेशन, डीवार्मिंग और हेल्थ रिकार्ड रखें
पीपीआर, एफएमडी और एचबीसीक्यू जैसी वैक्सीन को समय पर लगवाएं.
नियत समय पर डीवॉर्मिंग करें.
बीमारी के लक्षणों पर तुरंत ध्यान दें.
हर बकरी की हेल्थ रिकॉर्ड रखें.
जन्म, वजन, खर्च और बिक्री का हिसाब लिखें
बकरियों के कितने बच्चे हुए, उनका वजन कितना था इसे लिखें.
किस चीज पर कितना खर्च आया, ये हिसाब लगाएं.
कब और किस दाम पर बिक्री की, इसकी जानकारी भी जरूरी है.
रोजाना, मासिक रिकॉर्ड बनाए रखना जरूरी है.
निष्कर्ष
बकरी पालन में सही हिसाब, वैक्सीनेशन, डीवार्मिंग और हेल्थ रिकार्ड, शेड और और पानी की व्यवस्था, चारे की लागत और अच्छी नस्ल की बकरी आदि का ख्याल रखेंगे तो मुनाफा ज्यादा अच्छा होगा.










Leave a comment