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Animal Husbandry: बिहार में पशुपालकों को पशुधन बीमा योजना के जरिए मिल रहा बड़ा फायदा

cow and buffalo farming
प्रतीकात्मक फोटो.

नई दिल्ली. सरकार न सिर्फ पशुपालन को बढ़ावा देने का काम कर रही है. बल्कि पशुपालकों की इस काम में लगी पूंजी को किसी विपरीत परिस्थिति में बचाने का प्रयास भी करती है. दरअसल, सरकार की तरफ से कई सारी योजनाएं चलाई जा रही हैं. जिसकी मदद से पशुपालन करने वाले पशुपालकों को बीमा का फायदा मिलता है. असल में सरकार पशुओं का बीमा करती है. यदि किसी वजह से पशु की मौत हो जाती है या फिर कोई दूसरी दुर्घटना होती है तब सरकार की यही बीमा योजना पशुपालकों के काम आती है और उन्हें फायदा पहुंचाती है.
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बिहार में भी पशुपालकों की मदद के लिए राष्ट्रीय पशुधन मिशन के तहत पशुधन बीमा योजना वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए चलाई जा रही है. इस योजना की अच्छी बात ये है कि इसके लिए पशुपालक को सिर्फ 15 फीसद प्रीमियम देना होगा. बाकी सरकार की तरफ से वित्तीय मदद में कवर कर दिया जाएगा. आइए इस योजना की डिटेल जानते हैं कि किसे इसका फायदा मिल सकता है और कितना फायदा होगा. ताकि आपको ये तय करने में आसानी हो कि इस योजना का फायदा उठाया जाए या नहीं.

योजना की डिटेल यहां पढ़ें
▶️ पशुधन बीमा योजना वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए है.

▶️ लाभार्थी अंश की बात करें तो प्रीमियम का केवल 15 फीसद देना होगा.

▶️ पशु की आकस्मिक मृत्यु से होने वाली आर्थिक क्षति से सुरक्षा मिलती है.

किन पशुओं का बीमा होगा, अवधि क्या होगी
▶️ दुधारू देसी और संकर गाय तथा भैंस का बीमा होगा. बीमित मूल्य पर प्रीमियम दर मिलेगा.

▶️ वहीं घोड़ा, गदहा, खच्चर, ऊंट, टट्टू तथा भार ढोने वाले पशु की बीमा अवधि एक साल के लिए 2.31 फीसद दर पर होगी.

▶️ जबकि बकरी, भेड़, सूकर एवं पाड़ा के लिए 2 वर्ष अवधि है और 4.15 परसेंट प्रीमियम दर है.

▶️ प्रति परिवार अधिकतम 5 पशुधन इकाई तक अनुदान सरकार देगी. ये अधिकतम 3 वर्ष के लिए 6.29 प्रीमियम दर पर है.

▶️ बीमा के लिए पात्रता के लिए कुछ शर्तें भी रखी गई हैं.

▶️ पशु की स्वास्थ्य जांच होना जरूरी है.

▶️ पशु का मूल्य निर्धारण भी होना जरूरी है.

▶️ बीमित पशुओं का पहचान के लिए टैग लगा होना चाहिए.

बीमा राशि का निर्धारण
▶️ मौजूदा बाजार रेट के आधार पर होगा.

▶️ पशुपालक, बीमा कंपनी और पशु चिकित्सक द्वारा संयुक्त आंकलन होगा.

▶️ पहचान चिह्न सुरक्षित रखना जरूरी है.

▶️ दावा करने के लिए मौत की सूचना तुरंत देनी होगी.

▶️ निर्धारित पशु चिकित्सक से पोस्टमार्टम कराना होगा.

▶️ सभी दस्तावेज मिलने के 15 दिनों के अंदर भुगतान होगा.

निष्कर्ष
यदि इस योजना के जरिए आप पशु का बीमा कराते हैं तो न सिर्फ बीमा राशि कम देनी होगी. बल्कि पशु की दुर्घटना में हुई मौत पर आपको आर्थिक मदद भी मिलेगी.

Written by
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