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Poultry Farming: पोल्ट्री बर्ड को फॉर्म से दूसरी जगह लेने से पहले पानी में इलेक्ट्रोलाइट्स दें, तनाव होगा कम

अंडा और चिकन की बढ़ती मांग को दूर करने के लिए उत्तराखंड सरकार ने प्रयास तेज किए हैं.
प्रतीकात्मक तस्वीर।

नई दिल्ली. पोल्ट्री एक्सपर्ट कहते हैं कि पानी में जब पोल्ट्री बर्ड को एक जगह से दूसरी जगह ले जा रहे हैं तो घुलनशील इलेक्ट्रोलाइट्स बर्ड जरूर पिलाएं. पोल्ट्री बर्ड को पकड़ने से 12 घंटे पहले पानी में 1-2 किलोग्राम पानी में घुलनशील सोडियम बाइकार्बोनेट (NaHCO₃) और 0.5-1 किलोग्राम पोटेशियम क्लोराइड (KCl) मिलाएं. यह परिवहन के तनाव और गर्मी के कारण होने वाले सिस्टमिक मेटाबोलिक एसिडोसिस (शरीर में एसिड का स्तर बढ़ना) को रोकता है. वहीं फिनिशर फीड या पीने के पानी में 0.1 फीसद से 0.15 परसेंट की मात्रा में बीटेन (एक ऑर्गेनिक ऑस्मोलइट) मिलाएं. सिंथेटिक बीटेन HCL की तुलना में, प्राकृतिक एनहाइड्रस बीटेन मांसपेशियों में पानी का स्तर बनाए रखने में मदद करता है और सिकुड़न से होने वाले नुकसान को कम करता है.

क्रिस्टलीय अमीनो एसिड का उपयोग करके पचने योग्य लाइसिन और मेथियोनीन के स्तर को अधिकतम करें. इससे संरचनात्मक रूप से घने मायोफाइब्रिलर प्रोटीन बनते हैं जो मांसपेशियों के मैट्रिक्स के भीतर पानी को कसकर रोककर रखते हैं, जिससे ड्रिप लॉस (पानी का रिसाव) और ऊतकों के टूटने की प्रक्रिया कम हो जाती है.

पानी की हो जाती है कमी
सिंथेटिक अमीनो एसिड के स्तर को उच्च रखते हुए कुल CP स्तर को 0.5% से 1.0% तक कम करें.

बहुत अधिक CP पक्षी को यूरिक एसिड बनाने और बाहर निकालने के लिए मजबूर करता है.

यह एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें बहुत अधिक पानी खर्च होता है और परिवहन से पहले ऊतकों में पानी की कमी हो जाती है.

पेट में भोजन (gut fill) होने से फार्म पर जीवित वजन अधिक दिखता है, लेकिन उपवास के शुरुआती घंटों के दौरान यह सीधे तौर पर मल-मूत्र त्याग के कारण वजन में भारी कमी (excretory shrink) में बदल जाता है.

वहीं फाइनल फिनिशर फीड से ज्यादा फाइबर वाली चीजों (जैसे, गेहूं का चोकर, सूरजमुखी का मील, या DDGS) को हटा दें.

पोल्ट्री बर्ड को बारीक पिसे हुए मक्के, टूटे हुए चावल या फैट कॉन्सेंट्रेट का ही इस्तेमाल करें.

आसानी से पचने वाला स्टार्च 4 से 6 घंटे में आंतों को पूरी तरह साफ़ कर देता है और आंतों में ज्यादा पानी नहीं रोकता. जिससे पक्षी का असली वज़न बना रहता है.

तनाव कम करने के लिए फीड एडिटिव्स फिनिशर फीड या पीने के पानी में विटामिन C (200 mg/kg), विटामिन E (150 mg/kg) और ऑर्गेनिक सेलेनियम की ज़्यादा मात्रा मिलाएं.

ये एंटीऑक्सीडेंट सेल मेम्ब्रेन को लिपिड पेरोक्सीडेशन से बचाते हैं, जो पकड़ने और ट्रांसपोर्ट करने के तनाव से होता है.

हवा के अच्छे आने-जाने का इंतजाम करें और क्रेट में पक्षियों की संख्या (स्टॉकिंग डेंसिटी) सही रखें ताकि एक जगह गर्मी न बढ़े.

पकड़ने से 2 से 3 घंटे पहले प्राकृतिक एनहाइड्रस बीटेन मिला हुआ पानी दें ताकि शरीर के ऊतकों (टिश्यू) में पानी की मात्रा बनी रहे.

निष्कर्ष
फीड और पानी हटाने के समय को सही करना, खाने में इलेक्ट्रोलाइट का सही बैलेंस बनाए रखना, पीने के पानी में ऑस्मोलइट्स और इलेक्ट्रोलाइट्स मिलाना, और ट्रांसपोर्ट से पहले खाने में फाइबर कम करना – ये सभी उपाय मांसपेशियों में पानी बनाए रखने, शारीरिक तनाव कम करने और मीट की पैदावार (कार्कस यील्ड) बेहतर करने में मदद करते हैं. ये सभी उपाय मिलकर पक्षियों की भलाई, प्रोसेसिंग की क्षमता और कुल मुनाफ़े को बढ़ाते हैं. जिससे श्रिंकेज का पहले से मैनेजमेंट करना आधुनिक ब्रॉयलर प्रोडक्शन का एक जरूरी हिस्सा बन जाता है.

Written by
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