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Poultry: मॉनसून में पानी की खराब गुणवत्ता अडों का उत्पादन घटाती है, क्वालिटी भी हो जाती है खराब

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केज में पाली जा रही हैं मुर्गियां. live stock animal news

नई दिल्ली. मुर्गी पालन (Poultry Farming) में पानी को सबसे महत्वपूर्ण पोषक तत्व कहा जाता है. एक मुर्गी अपने वजन के हिसाब से चारे की तुलना में लगभग 1.8-2.5 गुना अधिक पानी का सेवन करती है. वहीं बरसात के मौसम में, बोरवेल, खुले जलाशय, तालाब और भंडारण टैंक जैसे जल स्रोत, सीवेज रिसाव, कार्बनिक पदार्थ और सूक्ष्मजीवों से दूषित हो जाते हैं. ज्यादा बारिश, उच्च आर्द्रता, बढ़ा हुआ तापमान, बाढ़, जल की गुणवत्ता में गिरावट, चारे का खराब होना, माइकोटॉक्सिन संदूषण और कीटों का बढ़ता दबाव सामूहिक रूप से पक्षियों के प्रदर्शन को कम करते हैं और उत्पादन लागत को बढ़ाते हैं.

भारी वर्षा से पीने के पानी में सूक्ष्मजीवों की मात्रा बढ़ सकती है, जिससे ई कोलाई, साल्मोनेला एसपीपी, कैम्पिलोबैक्टर एसपीपी. और विभिन्न प्रोटोजोआ जैसे रोगजनक प्रवेश कर सकते हैं. पानी की अधिक गंदगी और कार्बनिक पदार्थ कीटाणुनाशकों की प्रभावशीलता को कम करते हैं और पाइपलाइनों और पीने के पानी की प्रणालियों में जीवाणुओं के विकास को बढ़ावा देते हैं.

अंडे की क्वालिटी हो जाती है खराब
वहीं दूषित पानी अंडे चलते उत्पादन में कमी, अंडे के छिलके की गुणवत्ता में कमी और मृत्यु दर में वृद्धि ला सकता है.

कई रिसर्च में ये साबित हुआ है कि मानसून के दौरान पानी के दूषित होने से प्रभावित फार्मों में अंडे के उत्पादन में 3-10 फीसद तक की गिरावट आई है.

साथ ही दवाइयों की लागत में वृद्धि और मुर्गियों में मृत्युदर का खतरा भी बहुत ज्यादा बढ़ है. इससे पाल्ट्री फार्मिंग में नुकसान होना तय है.

पानी का दूषित होना कोलीबैसिलोसिस और साल्मोनेलोसिस जैसी बीमारियों के प्रसार को भी बढ़ावा देता है, जिससे मुर्गियों के प्रदर्शन पर और भी बुरा असर पड़ता है.

पीने के पानी की खराब गुणवत्ता और माइक्रोटॉक्सिन संदूषण अंडे के उत्पादन, फ़ीड दक्षता, मुर्गियों के स्वास्थ्य और मृत्यु दर को प्रभावित करने वाले दो सबसे महत्वपूर्ण आर्थिक कारक हैं.

बरसात के मौसम में पानी की गुणवत्ता खराब होती है और ज्यादा सूक्ष्मजीव वाला पानी म​मुर्गियों की आंतों को नुकसान पहुंचा सकता है.

इस लिए पानी का ध्यान रखें. कुल बैक्टीरिया की संख्या, कोलीफॉर्म की संख्या और पीएच को भी देखें. पीएच का स्तर 5.5-6.7 होना चाहिए.

कुल घुले हुए ठोस पदार्थ (TDS) नाइट्रेट और नाइट्राइट का स्तर आयरन और मैंगनीज की मात्रा भी जांचे.

निष्कर्ष
अगर इन पैमानों की निगरानी नहीं की जाती है, तो मुर्गियों के उत्पादन में लंबे समय तक कमी आ सकती है, जिससे आपको नुकसान होगा.

Written by
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