नई दिल्ली. बीमारी पशुपालकों को सबसे ज्यादा परेशान करती है. एक तो बीमारी की वजह से पशु का उत्पादन कम हो जाता है, दूसरा जब पशु ज्यादा बीमार होता है तो उसके इलाज के लिए अतिरिक्त खर्च करना होता है. इस खर्च की वजह से पशुपालन की लागत बढ़ जाती है. इसलिए कोई भी पशुपालक नहीं चाहता है कि पशु बीमार हो. एक्सपर्ट का कहना है कि पशुओं को बीमारियों से बचाने के लिए जरूरी है कि समय से वैक्सीनेशन करा दिया जाए. जिससे वो बीमारी से महफूज हो जाते हैं.
वहीं दूसरी ओर अगर पशुओं को बीमारियां लग गईं तो फिर डेयरी फार्मिंग के काम में नुकसान से कोई बचा नहीं सकता है. इस बात को सरकार भी समझती हे. राजस्थान की सरकार ने हाल ही में 24 जून से लेकर 22 अगस्त के बीच विशेष वैक्सीनेशन अभियान शुरू कर दिया है. ताकि पशुओं को बीमारियों से बचाया जा सके.
राजस्थान की सरकार के निर्देशानुसार पशुपालन विभाग द्वारा जिले में गौवंश को लम्पी स्किन रोग से सुरक्षित रखने के उद्देश्य से 24 जून से 22 अगस्त, 2026 तक विशेष टीकाकरण अभियान शुरू किया गया है.
लाखों वैक्सीन की डोज मिली
अभियान के तहत जिले के गौवंशों का चरणबद्ध तरीके से टीकाकरण किया जा रहा है.
पशुपालन विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ. राजीव गर्ग ने बताया कि अभियान के सफल संचालन के लिए जिले को प्रथम चरण में लाखों वैक्सीन डोज प्राप्त हुई हैं.
जिन्हें सभी पशु चिकित्सा संस्थाओं एवं संबंधित इकाइयों को वितरित कर दिया गया है.
विभागीय टीमों एवं पशुधन निरीक्षकों द्वारा गौशालाओं सहित विभिन्न क्षेत्रों में पहुंचकर गौवंश का टीकाकरण किया जा रहा है.
उन्होंने बताया कि लम्पी स्किन रोग के प्रभावी नियंत्रण एवं रोकथाम के लिए विभाग पूरी तत्परता से कार्य कर रहा है.
अभियान के माध्यम से अधिकाधिक गौवंश को टीकाकरण के दायरे में लाकर रोग के प्रसार को रोकने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है.
पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजेश रोशन मीना ने जानकारी देते हुए बताया कि अभियान के पहले दिन बुधवार को जिले में 1800 गौवंश का सफलतापूर्वक टीकाकरण किया गया.
आगामी दिनों में टीकाकरण की गति को और बढ़ाते हुए अधिक से अधिक पशुपालकों तक पहुंच बनाई जाएगी.
निष्कर्ष
आपको बता दें कि पूरे राज्य में ये अभियान चल रहा है. ताकि पशुओं की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाया जाए और वो ज्यादा से ज्यादा उत्पादन करें.












