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Animal Husbandry: ‘पशुधन की उत्पादकता बढ़ाने के लिए वैज्ञानिक रिसर्च को खेती से जोड़ने की है जरूरत’

कार्यक्रम में शामिल हुए लोग.

नई दिल्ली. PI-RAHI (PU-IIT रोपड़ रीजनल एक्सेलेरेटर फॉर होलिस्टिक इनोवेशन फाउंडेशन) के नेतृत्व में, भारत के उत्तरी क्षेत्र के 35 युवा उद्यमियों और किसान उत्पादक संगठनों (FPOs) के प्रतिनिधियों के एक दल ने HARVEST 2.0 कार्यक्रम के तहत गुरु अंगद देव वेटरनरी एंड एनिमल साइंसेज यूनिवर्सिटी, लुधियाना का दौरा किया. इस मौके पर वाइस चांसलर डॉ. जेपीएस गिल ने कहा कि HARVEST 2.0 जैसे एक्सपोजर कार्यक्रम शिक्षा जगत को इनोवेशन-आधारित इकोसिस्टम से जुड़ने और रिसर्च को सामाजिक प्रभाव में बदलने के बहुमूल्य अवसर प्रदान करते हैं.

उन्होंने आगे कहा कि टिकाऊ विकास हासिल करने और पशुधन क्षेत्र की उत्पादकता बढ़ाने के लिए वैज्ञानिक रिसर्च को खेती करने वाले समुदायों से जोड़ने की आवश्यकता पर जोर दिया.

किसानों, स्टार्टअप्स और शोधकर्ताओं एक मंच पर आए
एक्सटेंशन एजुकेशन के निदेशक डॉ. आर एस ग्रेवाल ने कहा कि HARVEST 2.0 एक सहयोगी इनोवेशन प्लेटफॉर्म है.

ये किसानों, स्टार्टअप्स, शोधकर्ताओं, एकेडेमिया, उद्योग और नीति-निर्माताओं को जोड़ता है ताकि टेक्नोलॉजी ट्रांसफर, उद्यमिता, टिकाऊ पशुधन विकास और अभिनव कृषि समाधानों के व्यावसायीकरण को बढ़ावा दिया जा सके.

इस दौरे ने जानकारी के आदान-प्रदान, इनोवेशन-आधारित साझेदारी और संस्थागत सहयोग के लिए एक प्रभावी मंच प्रदान किया है.

PI-RAHI की प्रोजेक्ट मैनेजर डॉ. वैशाली अग्रवाल ने बताया कि PI-RAHI एक राज्य-स्तरीय पहल है.

जिसे भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार कार्यालय के तहत पंजाब यूनिवर्सिटी और IIT रोपड़ द्वारा स्थापित उत्तरी क्षेत्र विज्ञान और प्रौद्योगिकी क्लस्टर के अंतर्गत शुरू किया गया है.

इसका उद्देश्य एकेडेमिया, रिसर्च संस्थानों, उद्योग, स्टार्टअप्स और अन्य हितधारकों के बीच सहयोग को बढ़ावा देना है.

उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि इस दौरे ने प्रतिभागियों को वेटरनरी और पशु विज्ञान के क्षेत्र में भारत के प्रमुख संस्थानों में से एक के साथ जुड़ने का अवसर प्रदान किया.

VLIIF के निदेशक और कॉलेज ऑफ एनिमल बायोटेक्नोलॉजी के डीन डॉ. आर एस. सेठी ने बताया कि इस दौरे का समन्वय संयुक्त रूप से एक्सटेंशन एजुकेशन निदेशालय और वेटरनरी एंड लाइवस्टॉक इनोवेशन एंड इनक्यूबेशन फाउंडेशन (VLIIF) द्वारा किया गया था.

उन्होंने स्टार्टअप इनक्यूबेशन, मेंटरशिप, नेटवर्किंग और उद्योग के साथ जुड़ाव के माध्यम से इनोवेशन को बढ़ावा देने में VLIIF के प्रयासों पर प्रकाश डाला.

उन्होंने पशुधन और डेयरी क्षेत्रों में उद्यमिता को बढ़ावा देने वाली सहयोगी साझेदारियों को आगे बढ़ाने के लिए VLIIF और GADVASU को एक साथ लाने के लिए PI-RAHI टीम का आभार व्यक्त किया.

डॉ. सुनील कुमार ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया. इस कार्यक्रम का समन्वय VLIIF की मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुश्री इकबालप्रीत कौर सिद्धू ने अपनी टीम के साथ मिलकर किया.

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