Home मछली पालन Fisheries: पश्चिम बंगाल में एक्वाकल्चर का होगा विस्तार, एक्सपोर्ट 20 हजार करोड़ तक करने का है प्लान
मछली पालन

Fisheries: पश्चिम बंगाल में एक्वाकल्चर का होगा विस्तार, एक्सपोर्ट 20 हजार करोड़ तक करने का है प्लान

fishermen beware! Fish may die due to increasing frost, increase oxygen level in pond, livestockanimalnews
प्रतीकात्मक फोटो. Livestockanimalnews

नई दिल्ली. केंद्र सरकार पश्चिम बंगाल की राज्य सरकार के साथ मिलकर राज्य में मछली पालन सेक्टर को और ज्यादा मजबूत करने जा रही है. इसको लेकर दोनों सरकारों के मंत्रियों के बीच एक अहम बैठक में इसपर फैसला हुआ है. राज्य में मछली पालन के जरिए उत्पादन और एक्सपोर्ट को बढ़ावा दिया जाएगा. इसको लेकर केंद्रीय मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्री राजीव रंजन सिंह ने कहा कि पश्चिम बंगाल में मत्स्य पालन के क्षेत्र में काफी संभावनाएं हैं. इन संभावनाओं को पहचानकर राज्य में फिशरीज सेक्टर को मजबूत किया जा सकता है.

उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में एक्वाकल्चर का विस्तार करके, वैल्यू चेन को मजबूत करके और इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करके राज्य अपने मत्स्य निर्यात को पांच हजार करोड़ रुपये से बढ़ाकर 15 हजार से 20 हजार करोड़ रुपये तक पहुंचा सकता है. जिससे राज्य के मछली पालकों को भी फायदा होगा. उनकी इनकम बढ़ेगी. राज्य में रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे.

जलाशयों के लिए फंड को मिली मंजूरी
इस दौरान ललन सिंह सिंह ने कोलकाता में मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के साथ पश्चिम बंगाल में विकास कार्यों पर एक उच्च-स्तरीय समीक्षा भी की.

मंत्री ललन सिंह ने मुख्यमंत्री को 832.50 लाख रुपये की लागत से छह जलाशयों के विकास के लिए प्रशासनिक मंजूरी सौंपी. इसमें केंद्र का हिस्सा 499.50 लाख रुपये था.

अधिकारी ने कहा कि राज्य सरकार उत्तर 24 परगना, दक्षिण 24 परगना और सुंदरबन में मत्स्य पालन की संभावनाओं को पूरी तरह से इस्तेमाल करने के लिए केंद्र के साथ मिलकर काम करेगी.

पश्चिम बंगाल के मत्स्य पालन और पशु संसाधन विकास राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) राजेश महता ने कहा कि राज्य ने 2025-26 में 20.43 लाख मीट्रिक टन मछली का उत्पादन किया है.

उन्होंने कहा कि राज्य ने मछली उत्पादन करने वाले दूसरे सबसे बड़े राज्य के साथ-साथ मछली के बीज के प्रमुख उत्पादक के रूप में अपनी स्थिति बनाए रखी है.

महता ने कहा कि राज्य को बेहतर बीज, चारे और फार्म प्रबंधन के माध्यम से उत्पादकता में सुधार करने की आवश्यकता है.

उन्होंने बताया कि PMMSY के तहत, पश्चिम बंगाल में 102.23 करोड़ रुपये के केंद्रीय हिस्से और 66.48 करोड़ रुपये के राज्य हिस्से वाली मत्स्य पालन से जुड़ी योजनाओं को लागू किया गया है.

निष्कर्ष
राज्य में मछली पालन की संभावनाओं को देखते हुए यहां फिशरीज सेक्टर को मजबूत किया जा रहा है. जिसका फायदा मछली पालन से जुड़े लोगों को मिलेगा और अन्य नए लोगों को भी होगा.

Written by
Livestock Animal News Team

Livestock Animal News is India’s premier livestock awareness portal dedicated to reliable and timely information.Every news article is thoroughly verified and curated by highly experienced authors and industry experts.

Leave a comment

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Related Articles

पशुपालनमछली पालन

Kisan Mela: किसान मेले में पशुपालन और मछली पालन के फायदे गिनाए

नई दिल्ली. गुरु अंगद देव वेटरनरी एंड एनिमल साइंसेज यूनिवर्सिटी, लुधियाना के...

1.2 million fisher households nationwide bringing in real-time validation.
मछली पालन

Fisheries News: मछुआरों की इनकम बढ़ाने के लिए 130 करोड़ जारी, शैक्षिक मदद भी मिलेगी

नई दिल्ली. पुडुचेरी के मुख्यमंत्री श्री एन. रंगासामी ने फिशरीज सेक्टर से...

मछली पालन

Fish Farming: फिशरीज सेक्टर को मजबूत करने के लिए बिहार सरकार खर्च करेगी 195 करोड़ रुपए

नई दिल्ली. बिहार में मछली पालन (Fish Farming) की और इससे बेहतर...