नई दिल्ली. इसमें कोई शक नहीं है कि मुर्गी पालन बेहतरीन काम है और इससे अच्छी कमाई होती है. न सिर्फ ये एक बेहतरीन बिजनेस है, बल्कि इससे आप दूसरों को रोजगार भी दे सकते हें. चाहे मीट उत्पादन के लिए ब्रॉयलर चिकन पालें या फिर अंडा उत्पादन के लिए लेयर बर्ड को, दोनों में आपको कमाई अच्छी होगी. हालांकि इस काम को शुरू करने से पहले कुछ बातों का ध्यान रखना बेहद ही जरूरी है. यदि इसके बिना मुर्गी पालन करेंगे तो हो सकता है कि आपको नुकसान उठाना पड़ जाए. वैसे भी कोई भी बिजनेस फायदा कमाने के लिए किया जाता है न कि नुकसान के लिए.
यदि आप ये जानना चाहते हैं कि मुर्गी पालन शुरू करने से पहले किन बातों ध्यान रखना है तो इसी के बारे में हम यहां आपको बताएंगे. आइए जानते हैं कि वो पांच बातें क्या हैं, जिनको जानकार पोल्ट्री फार्मिंग में सफल हुआ जा सकता है.
नुकसान से बचने के लिए 5 अहम बातें, क्या हैं
▶️ बिना ट्रेनिंग व अनुभव के बड़े पैमाने पर शुरुआत न करें.
▶️ केवल यूट्यूब वीडियो देखकर या दूसरों की देखा-देखी सीधे सैकड़ों-हजारों मुर्गियों से फार्म शुरू न करें.
▶️ पहले बीमारी, वैक्सीन, दाना और बिक्री का व्यावहारिक अनुभव लें.
▶️ शुरुआत हमेशा छोटे स्तर यानि 10, 15 या 50 चूजों से करें और अनुभव बढ़ने के बाद ही दायरा बढ़ाएं.
▶️ शेड का निर्माण और वेंटिलेशन सही रखें.
▶️ शेड की दिशा हमेशा पूर्व से पश्चिम (East to West) रखें ताकि धूप और हवा का संतुलन सही रहे.
▶️ शेड को जमीन से थोड़ा ऊंचा बनाएं ताकि बारिश का पानी अंदर न आए और बिछावन गीला न हो.
▶️ शेड के आसपास पेड़-पौधे लगाएं ताकि गर्मी कम लगे, और हवा के क्रॉस-वेंटिलेशन का ध्यान रखें ताकि अंदर अमोनिया गैस न बने.
▶️ बायोसिक्योरिटी (जैव-सुरक्षा) का कड़ाई से पालन करें.
▶️ बाहर पहने जाने वाले जूते-चप्पल शेड के अंदर बिल्कुल न ले जाएं, अंदर के लिए अलग चप्पलें रखें.
▶️ शेड के प्रवेश द्वार पर पोटैशियम परमैंगनेट पानी का फुटबाथ (Foot bath) रखें. ताकि अंदर जाने से पहले पैर कीटाणुरहित हो सकें.
▶️ बाहरी व्यक्तियों और अन्य जानवरों को बिना कीटाणुशोधन शेड में आने की अनुमति न दें.
▶️ फीड और मेडिसिन/वैक्सीन की योजना पहले से बनाएं.
▶️ सिर्फ महंगे कमर्शियल दाने पर निर्भर रहने से मुनाफा आधा हो सकता है. दाने की लागत कम करने के तरीकों की समझ होनी चाहिए.
▶️ मुर्गियों की उम्र के हिसाब से किस दिन कौन सी वैक्सीन या दवा देनी है, इसका पूरा शेड्यूल पहले से तैयार रखें.
▶️ बाजार (मार्केटिंग) की व्यवस्था पहले से तय रखें.
▶️ चूजे बड़े होने के बाद खरीदार तलाशने की गलती न करें.
▶️ मुर्गियों को कम दामों पर बेचना पड़ सकता है या फीड का अतिरिक्त खर्च बढ़ जाएगा.
▶️ चूजे डालने से पहले ही पता कर लें कि माल किसे बेचना है, स्थानीय बाजार में क्या रेट है और सीधे कहां बेचने से अधिकतम मुनाफा मिलेगा.
निष्कर्ष
इन बातों का ध्यान रखेंगे तो फिर पोल्ट्री फार्मिंग में खुद को नुकसान से बचा पाएंगे और इसमें आपको अच्छा फायदा होगा.













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