नई दिल्ली. मुर्गी पालन के दौरान अक्सर ऐसा होता है कि मुर्गी सुस्त व कमजोर हो जाती है. ऐसे में समय रहते ही कारण को पहचाकर उसकी सही देखभाल करना जरूरी होता है. जिससे मुर्गी पालन में नुकसान से बचा जा सकता है. पोल्ट्री एक्सपर्ट का कहना है कि बीमार मुर्गी उत्पादन घटाती है और इसलिए समय पर इलाज जरूरी है. इसके कुछ लक्षणों की बात करें तो मुर्गी सुस्त रहती है. खाना कम खाती है. चलने में कमजोरी महसूस करती है. पंख फूले हुए व बिखरे रहते हैं. वजन कम हो जाता है. वहीं अंडे कम देती है या फिर बंद भी हो जाता है.
संभावित कारणों में वायरल, बैक्टीरियल रोग जिसमें रानीखेत, कॉक्सीडियोसिस, CRD, कोलाइजा आदि है. वहीं आंतों में कीड़े, पोषण की कमी (विटामिन, मिनरल, प्रोटीन) अधिक गर्मी या ठंड, गंदा पानी व खराब फीड, तनाव स्थान परिवर्तन, भीड़, शिकारियों का डर भी इसके कारणों में शामिल है.
क्या करें यानि उपचार व प्रबंधन के बारे में जानें
▶️ बीमार मुर्गी को स्वस्थ मुर्गियों से अलग रखें और साफ जगह पर रखें.
▶️ मुर्गियों को हमेशा साफ, ताजा और ठंडा पानी उपलब्ध कराएं.
▶️ विटामिन व इलेक्ट्रोलाइट दें. 3-5 दिन तक पानी में विटामिन + इलेक्ट्रोलाइट जैसे विटामिन C, B-कॉम्प्लेक्स, लिवर टॉनिक देना चाहिए.
▶️ कीड़े मार दवा दें. हर 3 महीने में डीवर्मिंग करें या बीमारी की स्थिति में डॉक्टर की सलाह से दें.
▶️ रोग के अनुसार दवा देना चाहिए. जैसे एंटीबायोटिक में एमोक्सिल, टेट्रासाइक्लिन, डॉक्सी) / कॉक्सीडियोसिस में सेलेक्टेड दवा दें.
▶️ रहने का स्थान अच्छा बनाएं. सूखा, साफ, हवादार और भीड़ रहित स्थान रखें। बिछावन (लीटर) हमेशा सूखा रखें.
▶️ घरेलू उपाय की बात करें तो लहसुन देने से प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है.
▶️ हल्दी सूजन व संक्रमण कम करती है.
▶️ दही, छाछ देंगे तो ये आंतों के लिए फायदेमंद साबित होगी.
▶️ अजवाइन पाचन शक्ति मजबूत करती है.
▶️ तुलसी पत्ता इम्युनिटी बढ़ाता है.
▶️ गुड़, नींबू और पानी गर्मी में ऊर्जा देता है.
इन बातों का भी ख्याल रखें
▶️ संतुलित व पौष्टिक फीड दें. जिसमें प्रोटीन, कैल्शियम, विटामिन शामिल करें.
▶️ फीड हमेशा साफ और अच्छी गुणवत्ता की दें.
▶️ समय पर टीकाकरण करें (रानीखेत, गम्बोरो, F1, B1, लसोटा आदि).
▶️ गंदा पानी, फफूंद लगा फीड या बासी दाना न दें.
▶️ नियमित डीवर्मिंग करें.
▶️ गर्मी या ठंड से बचाव करें.
▶️ बायोसिक्योरिटी (स्वच्छता) का पालन करें.
▶️ बीमार मुर्गी को जल्द पहचानें और तुरंत उपचार करें.
निष्कर्ष
अगर आप मुर्गी पालन ट्रेनिंग लेकर करते हैं तो इन बातों की जानकारी आपको हो जाएगी. याद रखें कि बीमारी, टीकाकरण, प्रबंधन, मार्केटिंग आदि पर ध्यान देने से पोल्ट्री फार्मिंग में मुनाफा बढ़ जाता है.













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