नई दिल्ली. सर्दियां बहुत करीब हैं. कुछ हफ्तों के बाद सर्दियों का आगाज पूरी तरह से हो जाएगा. ऐसे में पशुपालन करने वाले डेयरी किसानों को सर्दियों में पशुओं का ध्यान किस तरह से रखना है, इसकी जानकारी होना जरूरी है. जबकि सही तरह से ध्यान रखने के लिए ये भी जरूरी है कि उसकी तैयार कर ली जाए. ताकि जानवरों को सर्दियों से दिक्कत न हो और न ही उनका उत्पादन प्रभावित हो. क्योंकि दूध उत्पादन कम हुआ तो फिर डेयरी फार्मिंग के बिजनेस में नुकसान होना तय है. इसलिए पहले से ही तैयारी कर लेना समझदारी है.
ठंड में पशुओं को ठंडी हवाओं से बचाव के लिए पर्दे, तिरपाल की व्यवस्था करना जरूरी है. सर्दियों में तेज और ठंडी हवाओं के कारण पशुओं को अधिक ठंड लगती है और वे तनाव में आ जाते हैं, जिससे दूध उत्पादन गिर जाता है. इसलिए जिस दिशा से तेज् हवा आ रही हो, उस तरफ तिरपाल या पर्दे लगाना बेहद आवश्यक है.
फर्श को सूखा रखें, इन बातों का भी ध्यान रखें
▶️ रबर मैट या क्यूबिकल कच्चा फर्श हो त्ज्ञै उसे हर हाल में सूखा और साफ रखना चाहिए.
▶️ अगर मैट पर गीला गोबर या पेशाब रहेगा, तो पशु बैठने से कतराएगा और खड़े रहने से तनाव बढ़ेगा.
▶️ फर्श पर पराली (पैडी स्ट्रॉ) या तूड़ी (भूसा) बिछाएं और इसे लगातार बदलते रहें, ताकि नमी न रहें.
▶️ कड़ाके की ठंड में पशु के शरीर को तापमान बनाए रखने के लिए अधिक ऊर्जा की आवश्यकता होती है.
▶️ डाइट में स्टार्च और एनर्जी (ऊर्जा) का स्तर बढ़ाना चाहिए (जैसे बाईपास फैट या शुगर या एनर्जी सोर्स को भी मिलाएं.
▶️ पर्याप्त ऊर्जा मिलने से पशु ठंड के तनाव से बचा रहता है, उसकी बॉडी कंडीशन स्कोर (BCS) सही रहता है और दूध व फैट में गिरावट नहीं आती है.
▶️ ध्यान दें कि यदि पशुओं को ठंड से बचाकर रखा जाए, तो दूध उत्पादन और फैट दोनों स्थिर रहते हैं.
▶️ ये भी जान लें कि ठंड लगने पर कंसेप्शन रेट (गर्भधारण दर) और दूध की गुणवत्ता दोनों प्रभावित होती हैं.
▶️ सर्दियों में पशु अधिक ठंडा पानी नहीं पीते, जिससे पानी की खपत कम हो जाती है और दूध घट जाता है.
▶️ एक साथ पानी भरकर छोड़ने के बजाय दिन में 3-4 बार ताजा, हल्का गुनगुना पानी थोड़ा-थोड़ा करके देना चाहिए ताकि पशु रुचि से पानी पिएं.
▶️ बछड़ों के लिए सूखा बिछावन बेहद ही आवश्यक है. इसलिए इसका भी ध्यान दें.
निष्कर्ष
इन बातों का ध्यान रखने से पशुओं को सर्दियों से होने वाले नुकसान से बचाया जा सकता है. इसलिए जरूर ख्याल रखें













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