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Poultry Farming: मुर्गी पालकों की छोटी गलतियों से होता है बड़ा नुकसान, देसी मुर्गियों का नहीं बढ़ता वजन

Poultry farming: Not only airborne infections, but also water can spread disease in chickens, Livestocknews.com
फार्म में चारा खाती मुर्गियां. live stock animal news

नई दिल्ली. कई बार देसी मुर्गी पालन में ये देखने को मिलता है कि मुर्गियों का वजन नहीं बढ़ता है और उनकी ग्रोथ नहीं होती है. इससे मुर्गी पालन में नुकसान होता है. पोल्ट्री एक्सपर्ट का कहना है कि जब मुर्गियों के पेट में कीड़े (Worms) होते हैं तो ऐसा होता है. असल में जब मुर्गियां जमीन से दाना चुगती हैं या गंदा पानी पीती हैं, तो उनके पेट में कीड़े पनप जाते हैं. पोषण मुर्गियों के बजाय कीड़ों को लगता है. इससे मुर्गियां कमजोर हो जाती हैं, पंख बेजान दिखते हैं, अंडा उत्पादन घटता है और वजन नहीं बढ़ता है. ऐसे में नजदीकी पशु चिकित्सक (Veterinary Doctor) की सलाह के अनुसार समय-समय पर मुर्गियों की डीवॉर्मिंग (Deworming) जरूर करना चाहिए.

बता दें कि मुर्गियां जितना दाना खाती हैं, उससे लगभग तीन गुना ज्यादा पानी पीती हैं. इसलिए गंदे बर्तनों में या बहुत दिनों से जमा हुआ दूषित पानी पीने से उनका पाचन तंत्र खराब हो जाता है और वे दाना सही से पचा नहीं पाती हैं. इसलिए ​पानी के बर्तनों और पानी की टंकी की नियमित सफाई करें. ​बारिश के तुरंत बाद मुर्गियों को बाहर न छोड़ें, बाहर जमा गंदा पानी सूखने या हटाने के बाद ही उन्हें घूमने दें.

दूषित दाना देने से भी बचें
▶️ बरसात के दिनों में या नमी वाली जगह पर रखे दाने में फंगस लग जाती है.

▶️ ऐसा में दूषित दाना खाने से मुर्गियों का लिवर खराब होता है, भूख कम हो जाती है और वे सुस्त होकर मरने भी लगती हैं.

▶️ ​दाना हमेशा सूखी और हवादार जगह पर रखें.

▶️ ​दाने की बोरियों को सीधे जमीन पर रखने के बजाय लकड़ी के तख्तों, पटलों के ऊपर रखें ताकि नीचे से नमी न आए.

▶️ ​दाने को बारिश के पानी और सीलन से पूरी तरह बचाकर रखें.

तनाव व ज्यादा भीड़ से बचाएं
▶️ क्षमता से ज्यादा मुर्गियों को कम जगह में रखना नुकसानदायक है.

▶️ वहीं फार्म के आसपास शोर-शराबा होना या तापमान में तेज उतार-चढ़ाव मुर्गियों में तनाव (Stress) पैदा करता है.

▶️ तनाव में मुर्गियों की ऊर्जा शरीर का वजन बढ़ाने के बजाय तनाव से लड़ने में खर्च होती है.

▶️ ​शेड की क्षमता के अनुसार ही मुर्गियां रखें जैसे 100 मुर्गियों के शेड में 100 से अधिक मुर्गियां न रखें.

▶️ ​फार्म हमेशा शांत जगह पर बनाएं और अत्यधिक शोर से बचाएं.

विटामिंस और मिनरल्स की कमी न होने दें
▶️ केवल मक्का या सोयाबीन खिलाने से पोषण पूरा नहीं होता है.

▶️ मुर्गियों को कैल्शियम, फास्फोरस, विटामिन B-कॉम्प्लेक्स और विटामिन E की भी जरूरत होती है.

▶️ जिनकी कमी से हड्डियां कमजोर हो जाती हैं और विकास रुक जाता है.

▶️ डॉक्टर की सलाह के अनुसार समय-समय पर अच्छी गुणवत्ता का मल्टीविटामिन दें.

▶️ या ग्रोथ प्रमोटर (Growth Promoter) का कोर्स मुर्गियों को अवश्य कराएं.

निष्कर्ष
यदि इन गलतियों से सीखकर आपने मुर्गी पालन किया और बताए गए समाधान को भी अपना लिया तो फिर नुकसान से खुद को बचा लेंगे.

Written by
Livestock Animal News Team

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