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खबरें दिनभर की: लाइव अपडेट्स

अक्टूबर 12, 2026 f 𝕏

ये खबरें दिनभर की लाइव स्टोरी हैं.

लाइव अपडेट्स

  1. विदेशी छात्रों ने KCVAS अमृतसर का किया दौरा

    गुरु अंगद देव वेटरनरी एंड एनिमल साइंसेज यूनिवर्सिटी, लुधियाना के NRI और विदेशी छात्रों ने को-करिकुलर एक्टिविटी (CCA) कोर्स के तहत एक एजुकेशनल टूर के हिस्से के तौर पर खालसा कॉलेज ऑफ वेटरनरी एंड एनिमल साइंसेज (KCVAS), अमृतसर का दौरा किया. यह दौरा 'वर्ल्ड एग डे' (विश्व अंडा दिवस) के जश्न के दौरान हुआ. ICAR-डायरेक्टरेट ऑफ पोल्ट्री रिसर्च (ICAR-DPR), राजेंद्रनगर, हैदराबाद, तेलंगाना के डायरेक्टर डॉ. आर. एन. चटर्जी ने छात्रों से बातचीत की और पोल्ट्री इंडस्ट्री में ग्लोबल स्कोप, उभरते ट्रेंड्स और करियर की संभावनाओं के बारे में बताया. KCVAS, अमृतसर के प्रिंसिपल डॉ. एच. के. वर्मा ने छात्रों को पोल्ट्री सेक्टर में करियर के अलग-अलग मौकों के बारे में जानकारी दी और इंसानी पोषण में अंडों की अहमियत, खासकर संतुलित और हेल्दी डाइट में उनके योगदान पर जोर दिया. इस दौरे से छात्रों को बहुत कुछ सीखने को मिला, ग्लोबल लेवल पर इसकी अहमियत के बारे में उनकी समझ बेहतर हुई और एक्सपर्ट्स के साथ बातचीत और 'वर्ल्ड एग डे' के जश्न में शामिल होकर उनकी एकेडमिक जानकारी भी बढ़ी.

  2. एक हजार सीबीजी और जैविक खांद प्लांट को लेकर हुई चर्चा

    वर्ल्ड बायोगैस एसोसिएशन इंडिया कांग्रेस 2026 के दौरान ‘CBG को बढ़ाने के लिए भारत-जापान साझेदारी’ विषय पर एक चर्चा (फायरसाइड चैट) आयोजित की गई. NDDB के चेयरमैन डॉ. मीनेश शाह ने इस सत्र का संचालन किया और पूरे भारत में 1,000 CBG और जैविक खाद संयंत्र स्थापित करने की भारत-जापान पहल की संक्षिप्त पृष्ठभूमि बताई. उन्होंने ग्रामीण समृद्धि बढ़ाने और CBG संयंत्रों से उत्पादित जैविक खाद के माध्यम से मिट्टी के स्वास्थ्य में सुधार करने के लिए डेयरी सहकारी समितियों के मौजूदा नेटवर्क का लाभ उठाने पर NDDB के फोकस पर जोर दिया. दोनों देशों की एक-दूसरे की पूरक खूबियों पर प्रकाश डालते हुए, डॉ. शाह ने कहा कि जापान तकनीकी विशेषज्ञता और संस्थागत साझेदारी लाता है, जबकि भारत बड़े पैमाने पर काम करने की क्षमता और एक मजबूत ग्रामीण सहकारी नेटवर्क प्रदान करता है. उन्होंने इस साझेदारी को हकीकत में बदलने के लिए NDDB की प्रतिबद्धता दोहराई, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि खाद से बनने वाला मूल्य वापस डेयरी किसानों तक पहुँचे.