नई दिल्ली. आने वाला वक्त सर्दियों का है. यानि दिन ब दिन ठंड बढ़ती जाएगी. ऐसे में मुर्गी पालन को अब ठंड के मौसम के लिहाज से करना होगा. यानि ठंड में मुर्गियों को दिक्कत न आए, इसके लिए जरूरी सावधानी बरतनी होगी. पोल्ट्री एक्सपर्ट कहते हैं कि सर्दियों के मौसम में मुर्गियों को ठंड और बीमारियों विशेषकर CRD जैसी बीमारी से बचाने की जरूरत है. साथ ही मृत्यु दर (Mortality) कम करने के लिए भी जरूरी उपाय आजमाने होते हैं. क्योंकि ठंड में पोल्ट्री फार्मिंग में मृत्युदर बढ़ जाती है.
ठंड के दौरान मुर्गी पालन में बर्ड की मृत्यदुर रोकने के लिए तीन मुख्य प्रबंधन नियम हैं. जिससे आप मोर्टिलिटी को कम कर सकते हैं. वहीं इस दौरान गलतियों से भी बचाना होगा. आइए इस आर्टिकल में जानते हैं.
पर्दे और वेंटिलेशन का करें प्रबंध
1 से 14 दिन के चूजे ठंड के प्रति बहुत संवेदनशील होते हैं. इसलिए ठंडी हवा सीधे लगने पर उन्हें CRD की बीमारी हो जाती है, जिससे भारी संख्या में चूजे मर जाते हैं.
शेड को पूरा पैक न करें लेकिन शाम होते ही पर्दे, तिरपाल गिरा दें, लेकिन शेड को ऊपर से थोड़ा खुला रखें ताकि हवा का आवागमन बना रहे.
यदि शेड पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा, तो बीट से अमोनिया गैस बनेगी और मुर्गियों का दम घुटने लगेगा.
सुबह धूप निकलने पर पर्दे ऊपर कर दें. ताकि रातभर जमा गैस बाहर निकल सके.
सही ब्रूडिंग और सूखा बिछावन जरूरी
फर्श पर धान की भूसी या लकड़ी का सूखा बुरादा 2 से 3 इंच मोटा बिछाएं.
गीला बिछावन ठंड और अमोनिया गैस दोनों को बढ़ाता है.
ताप देने के लिए पीले 100/200 वॉट के बल्ब, इलेक्ट्रिक ब्रूडर या गैस ब्रूडर का उपयोग करें.
पहले हफ्ते में ब्रूडिंग तापमान 32°C से 33°C के बीच बनाए रखना जरूरी है.
सर्दियों का खान-पान और रोग प्रतिरोधक क्षमता पर ध्यान दें
ठंड में शरीर का तापमान बनाए रखने के लिए मुर्गियों को अधिक ऊर्जा चाहिए.
इसलिए उनके दाने में मक्के (Maize) की मात्रा बढ़ा दें.
डॉक्टर की सलाह से समय-समय पर मल्टीविटामिन दें.
इसके साथ ही पानी में कच्ची हल्दी का रस या हल्दी पाउडर मिलाकर दें.
इससे ठंड से बचाव और प्रतिरोधक क्षमता में सुधार होता है.
इन दो बड़ी गलतियों से बचें
सर्दियों में बहुत ठंडा पानी देने से मुर्गियों को सर्दी, जुकाम, बुखार और सांस की तकलीफ (CRD) हो जाती है.
इसलिए ठंड के दिनों में हमेशा हल्का गुनगुना और ताजा पानी ही पीने के लिए दें.
ठंड से बचाने के चक्कर में ज्यादा चूजों को एक छोटे ब्रूडर घेरे में न रखें.
ठंड लगने या घबराहट में चूजे एक-दूसरे के ऊपर चढ़ जाते हैं और दम घुटने से मर जाते हैं.
यदि 500 चूजे हैं, तो उन्हें 250-250 के दो अलग-अलग ब्रूडिंग सेट में बांटकर रखें.
निष्कर्ष
ठंड में इन सावधानियों को जरूर बरतें. ताकि पोल्ट्री फार्मिंग में आपको नुकसान न उठाना पड़ जाए.












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