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Poultry: पोल्ट्री कॉन्क्लेव में यूपी में अंडा उत्पादन बढ़ाने पर दिया गया जोर

नर्मदा निधि आपकी आमदनी को जबरदस्त बढ़ा सकती है. ये साल भर में 160 से 180 अंडे तो देती है. इसका वजन भी बहुत तेजी के साथ बढ़ता है.
प्रतीकात्मक तस्वीर.

नई दिल्ली. उत्तर प्रदेश में पोल्ट्री सेक्टर को आगे बढ़ाने का काम तेजी से हो रहा है. सरकार के निर्देश के अनुसार अंडा उत्पादन को बढ़ावा दिया जा रहा है. इसी के तहत पिछले दिनों पशुपालन विभाग, आजमगढ़ मंडल (उत्तर प्रदेश) द्वारा मंडल स्तरीय एक दिवसीय पोल्ट्री कॉन्क्लेव व कुक्कुट निवेश सम्मेलन का आयोजन किया गया है. इसको आजमगढ़ पोल्ट्री कॉन्क्लेव का नाम दिया गया था. इस मौके पर अपर निदेशक ग्रेड 2, पशुपालन विभाग, आजमगढ़ डॉ. कृष्ण पाल सिंह ने कार्यक्रम के उद्देश्य, आंकड़े और उत्तर प्रदेश सरकार के विजन की जानकारी देते हुए कहा कि पोल्ट्री सेक्टर को मजबूत करने के लिए इसका आयोजन किया गया था.

उन्होंने कहा कि प्रदेश में पोल्ट्री विकास को बढ़ावा देना, अंडा और मुर्गी मांस का उत्पादन बढ़ाना सरकार का लक्ष्य है. इससे नए रोजगार सृजित किया जाना है. साथ ही प्रोटीन कुपोषण, एनीमिया और मातृ व शिशु मृत्यु दर (IMR/MMR) जैसी समस्याओं को दूर किया जा सके. क्योंकि अंडा प्रोटीन का सबसे सस्ता सोर्स है, इसलिए ये काम अंडे के जरिए किया जा सकता है.

दूसरे राज्यों से मंगाने पड़ते हैं अंडे
प्रदेश स्तरीय पोल्ट्री कॉन्क्लेव के बाद अब तक 8 मंडलों में इसका आयोजन हो चुका है, जिसके क्रम में आजमगढ़ मंडल में यह सम्मेलन आयोजित किया गया था.

गौरतलब है कि वर्तमान में उत्तर प्रदेश में लगभग 200 लाख (2 करोड़) अंडे प्रतिदिन का उत्पादन हो रहा है.

जबकि प्रदेश में प्रतिदिन की मांग लगभग 3.5 से लेकर 5 करोड़ अंडों की मांग है.

इस कारण प्रदेश को अपनी आवश्यकता का 50 फीसद से अधिक अंडा अन्य राज्यों से मंगाना पड़ता है, जिससे प्रदेश के राजस्व को नुकसान होता है.

बताया कि शासन अपर मुख्य सचिव मुकेश कुमार मेश्राम और विभागीय मंत्री का मुख्य लक्ष्य उत्तर प्रदेश को अंडा और कुक्कुट मांस उत्पादन में पूरी तरह आत्मनिर्भर बनाना है. ताकि बाहर से आयात न करना पड़े.

वहीं कमिश्नर विवेक ने अपने संबोधन में कहा कि अंडा सर्वोत्तम प्रोटीन और संपूर्ण आहार है. इसलिए का उत्पादन बढ़ाना जरूरी है.

जैसे-जैसे आबादी बढ़ रही है और कृषि भूमि घट रही है, पोल्ट्री फार्मिंग सघन कृषि (Intensive Agriculture) का बेहतरीन विकल्प है.

उन्होंने पशुपालन विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया कि सरकार की योजनाओं और अनुदानों का व्यापक प्रचार-प्रसार करें ताकि अधिक से अधिक युवा और किसान इस क्षेत्र में निवेश करें.

Written by
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