नई दिल्ली. पशुपालन में गाय या फिर भैंस जब बच्चा पैदा करती है तो आगे चलकर पशुपालकों को फायदा मिलता है. खासकर यदि बछिया पैदा होती है तो न सिर्फ डेयरी में पशुओं की संख्या बढ़ती है, बल्कि भविष्य में दूध उत्पादन और पशुधन में वृद्धि होती है. इसका फायदा आर्थिक रूप से भी मिलता है. जिससे पशुपालन के काम को मजबूती मिलती है. इसलिए बेहद ही जरूरी है कि पशुपालन के काम में बछिया की अच्छी तरह से देखभाल की. जबकि कई बार पशुपालकों की कुछ छोटी-छोटी गलतियों से उनकी मौत भी हो जाती है. इससे भविष्य में होने वाला फायदा नुकसान में तब्दील हो जाता है.
बछड़े या बछिया की मौत होना पशुपालन में बड़ा नुकसान लेकर आता है. इसलिए उसकी देखभाल को बहुत ही अच्छे ढंग से करना चाहिए. ताकि नुकसान से बचा जा सके. इस रिपोर्ट में लाइव स्टॉक एनिमल न्यूज आपको बताएगा कि पशु के बच्चे की मौत की क्या वजह है.
पांच गलतियां करते हैं पशुपालक
एक्सपर्ट कहते हैं कि ज्यादातर बछड़ों की मौत बीमारी से नहीं, बल्कि किसानों की 5 बड़ी गलतियों से होती है.
जन्म के बाद समय पर खीस (Colostrum) न पिलाना इसकी बड़ी समस्या है. इसलिए 2 घंटे के अंदर खीस जरूर पिलाएं. ताकि दिक्कत न हो.
एक्सपर्ट कहते हैं कि पहले 2 घंटे में खीस न मिलने से रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो जाती है.
गंदा बाड़ा और गीला फर्श से रखना भी पशु के बच्चे की मौत का कारण बनता है.
इस वजह से पशु को डायरिया और निमोनिया का खतरा बढ़ जाता है. इसलिए डेयरी फार्म को साफ-सुथरा रखना जरूरी है.
नाभि की सफाई भी एक अहम काम है. क्योंकि ऐसा न करने से नाभि से संक्रमण पूरे शरीर में फैल सकता है. समय रहते ही नाभि पर टिंचर आयोडिन लगाएं.
समय पर टीकाकरण और डीवॉर्मिंग न करना भी पशुपालकों की ओर से की जा रही गलतियों में से एक है.
अगर ऐसा नहीं किया जाता है तो कीड़े और बीमारियां तेजी से बछड़े या बछिया को कमजोर कर देते हैं. इसलिए टीकाकरण और डीवॉर्मिंग जरूरी है.
ठंड और गर्मी से बचाव न करना भी जरूरी है. क्योंकि मौसम का तनाव छोटे बच्चों के लिए जानलेवा हो सकता है. इसलिए पशु के बच्चे को ठंड से बचाएं.
निष्कर्ष
आपने गलतियों के बारे में भी जान लिया और क्या करना है, इसके बारे में भी मालूम चल गया है तो गलतियों से बचें और पशुपालन में अच्छी कमाई करने के लिए बछड़े बछियों की अच्छे से केयर करें.











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