नई दिल्ली. मॉनसून पूरी तरह से सक्रिय है और जगह—जगह बारिश हो रही है. इस बारिश में पशुपालन थोड़ा मुश्किल हो जाता है. क्योंकि बारिश की वजह से डेयरी फार्म में कीचड़ आदि की समस्या हो सकती है. इससे पशु बीमार भी पड़ जाते हैं. पशुओं को बीमारी से बचाने के लिए जरूरी उपाय किए जाने चाहिए. एक्सपर्ट का कहना है कि बारिश के मौसम में पशु को कोई एक नहीं बल्कि 10 तरह की बीमारियों का खतरा रहता है, जिससे पशुपालन में बड़ा नुकसान हो सकता है.
यदि आप भी पशुपालन में नुकसान से बचना चाहते हैं तो बीमारियों से बचाने के उपाय कर लें. खासकर पशुओं को समय पर वैक्सीन जरूर लगवाना चाहिए. इससे कई बीमारियां से बचाव किंंया जा सकता है.
बीमारियों के बारे में जानें यहां
- गलघोंटू (Hemorrhagic Septicemia – HS) जीवाणु से होने वाली अत्यधिक जानलेवा बीमारी. इसमें तेज बुखार, गले गर्दन में सूजन, सांस लेने में कठिनाई होती है.
- लंपी त्वचा रोग (Lumpy Skin Disease – LSD) मच्छर व मक्खियों की सक्रियता से तेजी से फैल सकता है. शरीर पर गांठें, तेज बुखार और पैरों में सूजन दिखाई देती है.
- सर्रा रोग (Trypanosomiasis) डसने वाली मक्खियों द्वारा फैलने वाला परजीवी रोग है. इसमें रुक-रुक कर बुखार, कमजोरी, आंखों से झाव, गंभीर में पशु गिर सकता है.
- परजीवी संक्रमण (Ticks, Lice & Internal Worms) नमी में बाहरी व आंतरिक परजीवी बढ़ते हैं. कमजोरी, खून की कमी और दूध उत्पादन में कमी इसमें होती है.
- बेबेसियोसिस / लाल पेशाब (Babesiosis/Redwater) ये चिचड़ी (Ticks) से फैलने वाला रक्त परजीवी रोग है. इसमें बुखार, खून की कमी, पीलिया, लाल या भूरा पेशाब होता है.
- खुरपका-मुंहपका (Foot and Mouth Disease – FMD) अत्यधिक संक्रामक विषाणुजनित रोग है. इस बीमारी में पशु के मुंह में छाले, अत्यधिक लार टपकना और खुरों के आसपास जख्म पड़ जाते हैं.
- लंगड़ी बुखार / जहरबाद (Black Quarter-BQ) जीवाणु संक्रमण, पुद्धों या जांघों पर सूजन आ जाती है. दबाने पर चट-चट की आवाज, पशु लंगड़ाकर चलता है.
- थनेला रोग (Mastitis) गंदे या कीचढ़युक्त वातावरण और मिल्किंग हाइजीन से होता है. इसमें थन में सूजन, दर्द, दूध में खून, धक्के या अन्य बदलाव होते है.
- लेप्टोस्पायरोसिस (Leptospirosis) दूषित पानी/मूत्र से संक्रमण होने वाला जीवाणु रोग है. इसमें पशु को बुखार, पीलिया, प्रजनन समस्याएं, गर्भपात हो सकता है.
- निमोनिया व श्वास संबंधी रोग (Pneumonia & Respiratory Diseases) है. ठंडी-नम परिस्थितियां, खरान ventilation और संक्रमण से खतरा बढ़ता है. इसमें खांसी, सांस लेने में कठिनाई,












