नई दिल्ली. डेयरी फार्मिंग के बिजनेस में गाय और भैंस को पाला जाता है. हालांकि बहुत से पशुपालक गाय को ही पालते हैं. जबकि बहुत से फॉर्मर्स सिर्फ भैंस पालन करते हैं. जबकि कुछ दोनों पशुओं को पालते हैं और डेयरी फार्मिंग के काम में मुनाफा कमाते हैं. यदि आप इस काम में हाथ आजमाना चाहते हैं और ये जानना चाहते हैं कि गाय और भैंस दोनों में किस पशु को पाला जाए तो ये रिपोर्ट आपके लिए ही है. क्योंकि इस रिपोर्ट को पढ़कर आप इस बारे में आसानी से समझ लेंगे कि किस पशु को पाला जाए.
एनिम एक्सपर्ट का कहना है कि गाय या भैंस दोनों को पालने के अपने—अपने फायदे हैं. गाय कम खर्चीली होती है. इसे आसानी से पाला जा सकता है. जबकि भैंस का दूध ज्यादा महंगा बिकता है. इसके दूध से बने प्रोडक्ट काफी महंगे बिकते हैं.
गाय पालन (Cow Farming) के बारे में जानें
गाय के दूध में फैट कम होता है. इसमें 3.5 से 4.5 फीसद फैट होता है लेकिन कुछ नस्लों में ज्यादा भी होता है.
दूध की मांग हर जगह बनी रहती है.
खुराक की आवश्यकता कम, रखरखाव अपेपेक्षाकृत कम खर्चीला होता है.
गाय का दूध बच्चों, बुजुगों और बीमार व्यक्तियों के लिए अधिक लाभकारी है.
गोबर और गोमूत्र का जैविक खेती में अधिक उपयोग होता है. शुरुआती लागत कम है.
भैंस पालन (Buffalo Farming) के बारे में जानें
भैंस के दूध में फैट अधिक (6 से 8 फीसद होता है.
दूध, दही, पनीर, घी बनाने के लिए भैंस का दूध अधिक पसंद किया जाता है.
भैंस को अधिक हरा चारा और पानी की आवश्यकता होती है.
गर्मियों में दूध उत्पादन कम हो सकता है.
भैंस की कीमत सामान्यतः अधिक होती है, निवेश जल्दी वापस मिल सकता है.
भैंस पालन में शुरुआती लागत अधिक होती है.
किसका डेयरी फार्म सबसे अच्छा भैंस पालन ही है.
अगर आप अधिक फैट वाले दूध, दही, पनीर, घी के उत्पादन और जल्दी मुनाफे पर ध्यान देते हैं तो भैंस पालन लाभदायक है.
अगर आप कम खर्च, कम देखभाल और दीर्घकालिक स्थिरता चाहते हैं तो गाय पालन बेहतर विकल्य है. वहीं ज्यादा और जल्दी कमाई के लिए भैंस पालें.
निष्कर्ष
एक्सपर्ट का कहना है कि सही फार्म वही है जो आपकी उपलब्ध संसाधनों, बजट, बाज़ार और लक्ष्य के अनुसार अधिक मुनाफा दे.












