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Animal News: बिहार में पशुओं के इलाज से लेकर कृत्रिम गर्भाधान के लिए रजिस्ट्रेशन कराना होगा

चारा उपलब्ध कराया जा रहा है.

नई दिल्ली. बिहार सरकार में डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन मंत्री नंदकिशोर राम ने कहा है कि पशुपालकों के घरों पर समय पर पशु चिकित्सा सेवा पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है. असल में ये बातें उन्होंने विकास भवन में मोबाइल पशु चिकित्सा इकाई सेवा के दो वर्ष पूरे होने पर आयोजित विशेष कार्यक्रम के मौके पर कही. मंत्री ने कहा कि मोबाइल पशु चिकित्सा यूनिटों से विशेष रूप से ग्रामीण एवं दूर के क्षेत्रों के पशुपालकों को फायदा मिल रहा है. मंत्री ने बताया कि बाढ़ से पशुधन का नुकसान नहीं हुआ है. जबकि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पशुओं के लिए पशुचिकित्सा पदाधिकारी पशु चारा उपलब्ध करा रहे हैं.

इस दौरान उन्होंने मोबाइल वेटनरी यूनिट के लिए मानक संचालन प्रक्रिया और बिहार पशु प्रजनन् विनियमन अधिनियम, 2025 पर तैयार पुस्तिका का विमोचन किया. राज्य की ब्रीडिंग पॉलिसी के कार्यान्वयन के लिए विकसित वेबसाइट का भी लोकार्पण किया भी किया. विभागीय सचिव शीर्षत कपिल अशोक ने कहा कि अब सिर्फ कृत्रिम गर्भाधान ही पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि मानकों का अनुपालन व पशुपालकों के हितों की सुरक्षा की जांच होगी. ताकि बेहतर रिजल्ट मिल सके.

मोबाइल वेटनरी यूनिट का मिला है फायदा
इस दौरान कहा गया कि सूबे में मवेशियों के इलाज से लेकर कृत्रिम गर्भाधान के लिए रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य होगा.

पशु प्रजनन में सुधार लाने और मवेशियों को सही समय पर सही दवा मिलने के लिए डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग के मंत्री ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए.

मंत्री ने बताया कि सरकार ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पशुओं के लिए पर्याप्त चारा एवं दवाइयां उपलब्ध कराने के जिलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं.

आपदा प्रबंधन के साथ ही डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग लगातार इसकी मानीटरिंग कर रहा है.

हरा एवं सूखा चारा के साथ अन्य सभी जरूरी सुविधाएं पशुपालकों को उपलब्ध होंगी. ताकि उन्हें पशुपालन में दिक्कतें न आएं.

प्रभावित क्षेत्रों में पर्याप्त मात्रा में पशु चारा और जरूरी दवाएं उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जा रही है.

जिलों के अफसरों को स्थानीय जनता के अनुसार चारा और दवाओं का प्रबंध करने के निर्देश दिए गए हैं.

विभागीय सचिव शीर्षत कपिल अशोक ने कहा कि मोबाइल वेटनरी यूनिट पशु सेवाओं के लिए एक बहुत ही महत्वपूर्ण पहल है.

इससे दूर—दराज इलाकों में पशुओं को बेहतर इलाज मिल जा रहा है. जबकि इलाज समय पर हो रहा है.

वहीं दूर के इलाकों से अस्पतालों तक पशुओं को लाने में होने वाली परेशानी और उसपर आने वाले खर्च से भी पशुपालकों को निजात मिल गई है.

Written by
Livestock Animal News Team

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