नई दिल्ली. पशु को जब पेट दर्द होता है तो इसकी कई वजह हो सकती है. मुख्य रूप से अचानक आहार बदलने, सड़ा गला चारा खाने, पेट में गैस और ज्यादा अनाज खाने या पेट में कीड़े व संक्रमण के कारण भी ऐसा हो सकता है. जब पशु को पेट में दर्द होता है, तब उसे बेचैनी होती है. इसके चलते पशु के दूध उत्पादन में भारी कमी देखी जाती है. इतना ही नहीं पाचन तंत्र खराब हो जाता है और समय पर अगर इलाज न मिले तो आंत फटने से पशु की मौत भी हो सकती है, जो पशुपालक के लिए बड़ा नुकसान साबित होता है. इसलिए समय पर पशु का इलाज जरूरी है.
आपको बता दें कि कई बार प्लास्टिक या गंदी वस्तुओं को खाने से भी पशु के पेट में दर्द की समस्या होती है. हालांकि पशु के पेट में जब दर्द हो तो कुछ उपाय किए जा सकते हैं. जिससे उसे आराम मिल सकता है. कुछ घरेलू उपाय भी इसमें कारगर हैं. हालांकि यहां यह भी देखना होगा कि किस परिस्थिति में खुद से इलाज करना संभव है और किस परिस्थिति में पशु चिकित्सक को बुलाना पड़ेगा तो आइए इस बारे में आपको यहां हम जानकारी देते हैं.
पशुओं में पेट दर्द होने पर क्या करें
अगर पशु को पेट में दर्द है तो पशु को टहलाते रहें, बैठने न दें.
इसके बाद दूसरा काम ये करें कि दाना-पानी देना बंद कर दें.
घरेलू उपचार के तौर पर सरसों का तेल और हींग दें.
सरसों का तेल, हींग देने से पेट में मरोड़ व गैस सही हो जाएगी.
मीठा सोडा एसिडोसिस के लिए दें.
इसके अलावा अजवाइन काला नमक भी मरोड़ व गैस में आराम देता है.
हालांकि कुछ सावधानियां बरतना भी बेहद ही जरूरी होता है.
जैसे पशु को कभी जबरदस्ती दवा न पिलाएं ये नुकसानदे है.
एक्सपर्ट कहते हैं कि जबरदस्ती दवा देने से सांस नली में जा सकती है.
पशु के पेट की बाईं तरफ हल्की मालिश करना उचित रहेगा.
ऐसे में पशु चिकित्सक को बुलाना ही सही होगा
जब पशु छटपटाए, पेट पर लात मारे तो पशु चिकित्सक से ही इलाज करवाएं.
पशु की बाईं कोख बहुत ज्यादा फूल जाए तो पशु चिकित्सक को बुलाएं.
गोबर न करे या खून आए तो भी पशु चिकित्सक को बुलाना चाहिए.
पशु को जब तेज बुखार हो जाए तो पशु चिकित्सक की जरूरत पड़ेगी.
नियमित देखभाल और सही खान-पान रखें हमेशा पशु विशेषज्ञ की सलाह लेना जरूरी है.
निष्कर्ष
पशु का इलाज पेट दर्द होने पर घर पर भी किया जा सकता है. हालांकि सावधानी बरतना जरूरी है. नहीं तो मामला और ज्यादा बिगड़ सकता है.












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