Home डेयरी Scheme: शिक्षा व कृषि विभाग में सेवा देने के बाद डेयरी व्यवसाय में उतरे और हासिल की बड़ी सफलता
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Scheme: शिक्षा व कृषि विभाग में सेवा देने के बाद डेयरी व्यवसाय में उतरे और हासिल की बड़ी सफलता

डेयरी व्यवसायी कमलेशा कुमार गंगवार.

नई दिल्ली. शिक्षा व कृषि विभाग में सेवा के अवसर मिलने और राजनीति में रहने के बाद भी पीलीभीत के कमलेश कुमार गंगवार अब सफल डेयरी कारोबारी बन गए हैं. कमलेश कुमार गंगवार मूलरूप से पीलीभीत जिले के बरखेड़ा विकासखंड के रहने वाले हैं. उत्तर प्रदेश सरकार की नंदिनी कृषक समृद्धि योजना के तहत उन्होंने आधुनिक डेयरी फार्म बनाया और सफल भी हुए. गंगवार ने वर्ष 1997 में चंद्रशेखर आजाद कृषि विश्वविद्यालय, कानपुर (CSAUAT) से M.Sc. (Agriculture) किया था, इसके बाद शिक्षा व कृषि विभाग में सेवा के अवसर मिलने और राजनीति में रहने के बावजूद वे आत्मनिर्भर होकर डेयरी व्यवसाय में उतरे.

सरकारी योजना के जरिए सफल डेयरी व्यवसायी बनने के लिए उन्होंने ​स्थानीय पशु चिकित्साधिकारी डॉ. हरिपाल राठौर से मुलाकात की. फिर नंद बाबा दुग्ध मिशन के तहत संचालित नंदिनी कृषक समृद्धि योजना की जानकारी हासिल की और अपने सफर का आगाज किया. ​उन्होंने योजना का ऑनलाइन फॉर्म भरा, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी (CVO) से संपर्क किया और लॉटरी प्रक्रिया के माध्यम से उनका चयन हुआ.

हर दिन ढाई क्विंटल का हो रहा दूध उत्पादन
​चयन के बाद उन्होंने बैंक से वित्तीय मदद लेकर फार्म का निर्माण कराया.

​फार्म में लगभग 30 देशी नस्ल की गायें हैं, जिनमें अधिकांश साहीवाल नस्ल की हैं.

2-3 गायें गिर नस्ल की हैं जिन्हें वे हरियाणा के हिसार से लेकर आए थे.

मौजूदा वक्त में उनके फार्म पर प्रतिदिन लगभग ढाई क्विंटल (250 लीटर) दूध का उत्पादन हो रहा है.

​केवल कच्चा दूध बेचने के बजाय उन्होंने फार्म पर खोया, पनीर और देशी घी बनाने की प्रोसेसिंग यूनिट भी लगाई है.

​​उन्होंने अपने देशी घी का विशेष ब्रांड “हिराज” (Hiraj) नाम से तैयार किया है. जिससे अच्छी कमाई हुई है.

​वे इंस्टाग्राम और ऑनलाइन माध्यमों से इस शुद्ध देशी घी को 1,500 प्रति किलो के भाव से बेच रहे हैं.

उन्होंने बताया कि शुद्ध देशी घी को लोग काफी पसंद कर रहे हैं, जो एक बार ले रहा है वो दोबार और बार—बार आर्डर दे रहा है.

इतना ही नहीं ​गाय के गोबर का सदुपयोग करने और मिट्टी की उर्वरा शक्ति बढ़ाने के लिए भी उन्होंने काम किया है.

उन्होंने फार्म के पास ही वर्मी कंपोस्ट प्लांट भी शुरू किया है, जिसके लिए केंचुए लाकर खाद तैयार की जा रही है.

इससे भी वो अच्छी कमाई कर रहे हैं. उन्होंने डेयरी के बिजनसे में कैसे कमाई की जा सकती है, इसका अच्छा उदाहरण पेश किया है.

निष्कर्ष
यदि आप डेयरी व्यवसायी बनना चाहते हैं तो यूपी सरकार की ओर से चलाई जा रही नंदिनी कृषक समृद्धि योजना का जरूर फायदा उठाएं. इससे आपको फायदा होगा.

Written by
Livestock Animal News Team

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