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Goat Farming Tips: बकरियों को खिलाएं नमक, सेहत, ग्रोथ और उत्पादन के लिए है जरूरी

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चारा खाती बकरियों की तस्वीर.

नई दिल्ली. बकरी पालन में अच्छा करने के लिए जरूरी है कि नमक का सही इस्तेमाल किया जाए. क्यों​कि थोड़ा सा नमक बकरियों की बेहतर सेहत के लिए तो अच्छा है ही साथ ही ज्यादा उत्पादन के लिए भी बहुत जरूरी है. गोट एक्सपर्ट का कहना है कि नमक के तौर पर ​साधारण नमक, ​सेंधा नमक और ​काला नमक का इस्तेमाल किया जा सकता है. बकरियों को अगर नमक दिया जाए तो इससे उनको ​सोडियम और क्लोराइड की आपूर्ति हो जाती है. जबकि ​इलेक्ट्रोलाइट संतुलन बनाए रखता है. अच्छी बात ये हे कि इससे ​पानी पीने की इच्छा बढ़ जाती है.

गोट एक्सपर्ट कहते हैं कि ​मिनरल मिक्सचर में सामान्य रूप से नकम को शामिल करके बकरियों को देना चाहिए. इससे बकरियों की ​भूख बढ़ जाती है और इतना ही नहीं फीड सेवन में सुधार भी तेजी से होता है. जबकि ये पाचन क्रिया को बेहतर बनाता है. इलेक्ट्रोलाइट संतुलन और पानी की खपत में मदद करता है. गर्म मौसम में तनाव कम करता है. ​प्रजनन क्षमता और दूध उत्पादन में सहायक है. ​कुल मिलाकर कहा जाए तो सेहत और ग्रोथ में मदद करता है.

​नुकसान सावधानी के बारे में भी जानें
​याद रखें कि ज्यादा नमक देने से फीड और पानी की खपत कम हो सकती है.

​पहले से ही पानी में ज्यादा नमक हो तो समस्या बढ़ सकती है.

​अत्यधिक मात्रा से डिहाइड्रेशन, कमजोरी, किडनी पर असर और अन्य स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं.

इसके साथ ​हमेशा साफ और ताजा पानी दें.

बता दें कि ​सेंधा नमक बकरियों को देने से ​मुख्य रूप से सोडियम क्लोराइड और ​कुछ सूक्ष्म खनिज भी मिलता है.

जबकि साधारण साफ फीड-ग्रेड नमक पोषण में अपने आप बेहतर नहीं है.

​​रोजमर्रा के प्रयोग के लिए साफ, आयोडीन-रहित, फीड ग्रेड साधारण नमक सबसे बेहतर है.

​सेंधा या काला नमक कभी-कभी उपयोग कर सकते हैं, लेकिन यह मिनरल मिक्सचर का विकल्प नहीं है.

​हमेशा गुणवत्ता और साफ-सफाई का ध्यान रखें.

​बकरी के लिए खास मिनरल मिक्स (जिस पर निर्माता के लेबल में निर्देश दिए हों) का उपयोग करें.

​साफ और सूखा फीड-ग्रेड नमक को दाना मिश्रण (कंसन्ट्रेट) में थोड़ी मात्रा में मिलाएं.

​इसे अच्छे से पूरे मिश्रण में समान रूप से मिलाएं.

​राशन फॉर्मूलेशन के अनुसार दें, अंधाधुंध मात्रा में नहीं.

​हर समय साफ और ताजा पानी उपलब्ध रखें.

निष्कर्ष
​बहुत जरूरी बात ये भी है कि नमक इलाज नहीं है. दस्त या बीमारी में केवल नमक देकर इलाज न करें. यहां ये भी याद रखें कि ​फिटकरी नियमित रूप से बकरियों को नहीं देनी चाहिए. इस तरह बकरी पालन में अच्छा कर सकते हैं और इससे आपको मुनाफा मिलेगा.

Written by
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