नई दिल्ली. पशुपालन में अगर उत्पादन बेहतर मिलने लगे तो पशुपालकों को खूब फायदा मिलता है. इससे उनकी इनकम बढ़ जाती है और पशुपालन में वो सफल हो जाते हैं. एनिमल एक्सपर्ट का कहना है कि पशुपालकों को पशुपालन में सेक्स्ड सार्टेड सीमन तकनीक अपनानी चाहिए. क्योंकि इसकी वजह से गाय और भैसों से होने वाले बच्चे में बछिया के जन्म की संभावना तकरीबन 90 फीसदी हो जाती है. इस वजह से पशुपालन के जरिए डेयरी का बिजनेस करने वालों के लिए ये तरीका बेहद ही बढ़िया है और लोग इसका इस्तेमाल भी कर रहे हैं.
क्योंकि पशुओं में प्रजनन को लेकर समस्याएं आना कोई नई बात नहीं है. जबकि दूसरी ओर ये तरीका इतना बेहतरीन है कि न सिर्फ बच्चे, बल्कि बछिया होने की संभावना भी बढ़ जाती है. यही वजह है कि मध्य प्रदेश सरकार इसको लेकर पशुपालकों को जागरुक करने का प्लान बना रही है.
योजनाओं के बारे में भी जानकारी हासिल की
पशुपालन एवं डेयरी विभाग के नए सचिव डॉ. सुदाम पी. खाड़े ने बुधवार को भोपाल स्थित पशुपालन एवं डेयरी विभाग संचालनालय का निरीक्षण किया.
इस दौरान उन्होंने अधिकारियों के साथ बैठक कर विभागीय कार्यों एवं योजनाओं की समीक्षा और जरूर दिशा—निर्देश अधिकारियों को दिए.
बैठक में सचिव डॉ. खाड़े ने विभाग में केंद्र एवं प्रदेश सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं की जानकारी भी हासिल की.
नवाचारों के क्रियान्वयन, आवंटित बजट, लक्ष्य और वर्तमान प्रगति की स्थिति की समीक्षा कर आवश्यक दिशा–निर्देश दिए.
उन्होंने जिला स्तर पर दवाइयों, उपकरणों की उपलब्धता, उनकी गुणवत्ता, तथा इनके प्रोक्योरमेंट सिस्टम, विभाग में चल पशु चिकित्सा इकाइयों (मोबाइल वेटरनरी यूनिट) की जानकारी की.
डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना, मुख्यमंत्री डेयरी प्लस योजना एवं दुग्ध उत्पादन से संबंधित योजना की भी जानकारी हासिल की.
बैठक के दौरान पशुधन एवं कुक्कुट विकास निगम तथा मध्य प्रदेश गौसंवर्धन बोर्ड की योजनाओं एवं गतिविधियों को लेकर चर्चा की गई.
वहीं सेक्स्ड सार्टेड सीमन तकनीक को बढ़ाए जाने और प्रदेश में पशुओं के लिए साइलेज की उपलब्धता बढ़ाए जाने के निर्देश दिए.
बैठक में संचालक पशुपालन एवं डेयरी विभाग डॉ. पी.एस.पटेल, प्रबंध संचालक कुक्कुट विकास निगम डॉ. एस एन. शुक्ला, प्रशिक्षण संस्थान के संयुक्त संचालक डॉ. मनोज गौतम, गौसंवर्धन बोर्ड के रजिस्ट्रार डॉ. अनुपम अग्रवाल एवं अन्य अधिकारी गण उपस्थित रहे.
निष्कर्ष
गौरतलब है कि मध्य प्रदेश सरकार राज्य को दूध उत्पादन में अग्रणी राज्य बनाना चाहती है. सरकार के इस लक्ष्य को पूरा करने में सेक्स्ड सार्टेड सीमन जैसी तकनीक मदद करेगी. इसलिए सरकार इसे बढ़ावा देना चाहती है.












