नई दिल्ली. राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (NDDB) ने हाल ही में बेंगलुरु में ‘डेयरी विकास के लिए राष्ट्रीय कार्यक्रम’ (GoI) के तहत ‘सहकारी समितियों के माध्यम से डेयरी व्यवसाय’ (DTC) – JICA (जापान इंटरनेशनल कोऑपरेशन एजेंसी) समर्थित प्रोजेक्ट (घटक B) के अंतर्गत एक क्षेत्रीय कार्यशाला आयोजित की. इस कार्यशाला में आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, केरल, पुडुचेरी, तमिलनाडु और तेलंगाना की सहकारी डेयरी फेडरेशनों, दुग्ध संघों और दुग्ध उत्पादक संगठनों ने भाग लिया. जहां डेयरी सेक्टर को मजबूत करने पर विस्तार से चर्चा हुई.
इस कार्यशाला का उद्देश्य योजना के प्रस्तावित दूसरे चरण (Phase-II) और भारत सरकार के पशुपालन और डेयरी विभाग (FAHD मंत्रालय) तथा सहकारिता मंत्रालय की अन्य डेयरी विकास पहलों पर चर्चा करना था. इस दौरान मौजूद लोगों ने अपने विचार रखे.
डेयरी विकास पोर्टल के महत्व के बारे में भी बताया
▶️ भारत सरकार के पशुपालन और डेयरी विभाग की निदेशक पूजा रुस्तगी ने बताया कि JICA के पहले चरण (Phase I) के प्रोजेक्ट से अनुभव और सीख मिली है.
▶️ कहा कि ‘राष्ट्रीय डेयरी विकास कार्यक्रम’ के दूसरे चरण (Phase II) के लिए दिशानिर्देश तैयार करने में ये मार्गदर्शन करेंगे.
▶️ उन्होंने अहम बात करते हुए कहा कि छोटी दुग्ध फेडरेशनों को अतिरिक्त सहायता देने की आवश्यकता ज्यादा है.
▶️ क्योंकि बड़ी संस्थाओं की तुलना में उन्हें क्षमता और संसाधनों की अधिक कमी का सामना करना पड़ता है.
▶️ उन्होंने प्रतिभागियों से अनुरोध किया कि वे अंतिम दिशानिर्देशों में विचार के लिए 10 दिनों के भीतर एक्रेडिटेशन फ्रेमवर्क (मान्यता ढांचे) पर अपनी प्रतिक्रिया दें.
▶️ रुस्तगी ने ‘डेयरी विकास पोर्टल’ पर सभी आवश्यक डेटा पूरा करने के महत्व पर जोर दिया, क्योंकि जरूरी जानकारी अपडेट किए बिना फंड जारी नहीं किया जाएगा.
▶️ कार्यशाला में ‘श्वेत क्रांति 2.0’ (White Revolution 2.0) के तहत नई DCS (डेयरी सहकारी समितियों) के गठन और मौजूदा समितियों को मजबूत करने की दिशा में राज्यों की प्रगति की समीक्षा की गई.
▶️ साथ ही, NDLM के तहत ‘डेयरी विकास पोर्टल’ पर डेटा एंट्री और उसकी मुख्य विशेषताओं को भी देखा गया.
▶️ चर्चाओं ने प्रतिभागियों को बहुमूल्य प्रतिक्रिया और सुझाव साझा करने का मंच भी प्रदान किया, जो JICA योजना के दूसरे चरण के लिए रूपरेखा तैयार करने में योगदान देंगे.
▶️ इस कार्यशाला में भारत सरकार के पशुपालन और डेयरी विभाग (DAHD) के डिप्टी कमिश्नर (DD) दयानंद सावंत, KMF (KMF नंदिनी कॉप) के MD डॉ. ST सुरेश, NDDB के SGM डॉ. जी किशोर आदि मौजूद रहे.










