नई दिल्ली. मध्य प्रदेश सरकार राज्य को डेयरी कैपिटल बनाना चाहती है. इसका मतलब ये हुआ कि राज्य को दूध उत्पादन में नंबर वन बनाने का लक्ष्य सरकार ने तय किया है. इसी लक्ष्य को हासिल करने के लिए राज्य सरकार की ओर से कई अहम योजनाएं भी राज्य में संचालित की जा रही हैं. ताकि किसानों को डेयरी बिजनेस शुरू करने में सहूलत मिल सके. वहीं पशओं की उत्पादकता क्षमता को बढ़ाने के लिए भी सरकार की तरफ से काम किए जा रहे हैं. क्योंकि देशभर में प्रति पशु उत्पादक क्षमता कम है. मध्य प्रदेश भी इससे अछूता नहीं है.
इसी को ध्यान में रखते हुए मध्य प्रदेश सरकार के पशुपालन और डेयरी विभाग के सचिव डॉ. सुदाम खाडे ने आनंद में राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड NDDB का दौरा किया. उन्होंने NDDB के चेयरमैन डॉ. मीनेश शाह और वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की और मध्य प्रदेश में डेयरी सेक्टर को मजबूत और बेहतर बनाने के तरीकों पर चर्चा की.
चुनौतियों पर हुई गहन चर्चा
इस चर्चा में मुख्य चुनौतियों और अवसरों पर बात हुई. साथ ही चुनौतियों से कैसे निपटा, जाए यानि इसके हल पर भी चर्चा हुई.
साथ ही डेयरी इंफ्रास्ट्रक्चर को अपग्रेड करने और भोपाल में ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ व ‘जेनेटिक रिसोर्स सेंटर’ स्थापित करने की संभावना पर भी गहन चर्चा हुई.
जेनेटिक रिसोर्स सेंटर स्थापित होने से मवेशियों की जेनेटिक गुणवत्ता में सुधार होगा और किसानों को अच्छी गुणवत्ता वाली बछिया (heifers) मिल सकेगी.
जब अच्छी क्वालिटी की बछिया मिलेगी तो यही, बछिया आगे चलकर बेहतर दूध उत्पादन करेगी और इसका फायदा डेयरी किसानों को मिलेगा.
इसके अलावा राज्य में दूध उत्पादन बढ़ेगा और मध्य प्रदेश डेयरी कैपिटल बनने की ओर मजबूत से कदम बढ़ाएगा.
सचिव डॉ. खाड़े ने NDDB की OPU-IVF लैब और NDDB CALF लिमिटेड का भी दौरा किया.
यहां उन्हें डेयरी सेक्टर में जेनेटिक सुधार, प्रजनन तकनीकों और एनालिटिकल डेवलपमेंट में मदद करने वाली सुविधाओं और पहलों के बारे में जानकारी दी गई.
वहीं दूसरी ओर NDDB के चेयरमैन डॉ. मीनेश शाह ने आनंद में NDDB की इंजीनियरिंग वर्कशॉप ‘ES कन्वर्ज 2026’ का उद्घाटन किया.
इस कार्यक्रम में NDDB के इंजीनियर एक साथ आए ताकि वे संस्था की यात्रा पर विचार कर सकें, चुनौतियों और अवसरों पर चर्चा कर सकें.
साथ ही अपने प्रयासों को NDDB की बदलती प्राथमिकताओं-जैसे कि समृद्धि, स्थिरता और सहकारी डेयरी सेक्टर के विकास—के साथ जोड़ सकें.
इस मौके पर बोलते हुए, डॉ. शाह ने भारत में डेयरी सेक्टर में बदलाव लाने में NDDB के अहम योगदान का ज़िक्र किया.
जिसमें शुरुआती डेयरी इंफ्रास्ट्रक्चर और प्रोसेसिंग टेक्नोलॉजी के विकास से लेकर उपकरणों को देश में ही बनाने (indigenisation) तक के काम शामिल हैं.













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