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Fish: फिशिंग हार्बर फिश लैंडिंग सेंटर के बनने से मछली के रख-रखाव और नावों को खड़ा करने की बढ़ी सुविधा

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मछली पकड़ते मछुआरे (फोटो CMFRI)

नई दिल्ली. प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (पीएमएमएसवाई) के तहत पुडुचेरी स्थायी और अवसंरचना-आधारित मछली पालन विकास के लिए एक मॉडल के रूप में उभर रहा है. समुद्री संसाधनों की प्रचुरता और मछली पकड़ने वाले जीवंत समुदाय के साथ इस केंद्र शासित प्रदेश में आधुनिक मछली पालन अवसंरचना में बड़े निवेश हुए हैं. इनमें थेनगैथिट्टू फिशिंग हार्बर का उन्नयन और नल्लावाडु में अत्याधुनिक फिश लैंडिंग सेंटर की स्थापना शामिल है. इन सुविधाओं से मछली के रख-रखाव, नावों को खड़ा करने की जगह, नीलामी और सुरक्षा व्यवस्था बेहतर हुई है.

जिससे तटीय क्षेत्र के हजारों मछुआरों और 600 से अधिक मछली पकड़ने वाले परिवार लाभान्वित हुए हैं. पुडुचेरी, कराईकल स्थित उन्नत नवाचार और क्षमता विकास केंद्र (एसीआईसीडी) के माध्यम से सहकारी-आधारित समुद्री शैवाल की खेती में भी अग्रणी भूमिका निभा रहा है.

आय बढ़ाने आजीविका के नए अवसर पैदा करने में मदद मिलेगी
यह केंद्र खासकर महिला मछुआरों के लिए आधुनिक तकनीकों का उपयोग करता है और स्थायी आजीविका को बढ़ावा देता है.

ये सभी पहल मिलकर मछली पालन मूल्य श्रृंखला को मजबूत कर रही हैं, रोजगार पैदा कर रही हैं, आय बढ़ा रही हैं और केंद्र शासित प्रदेश में एक समृद्ध नीली अर्थव्यवस्था के विजन को आगे बढ़ा रही हैं.

इस गति को और तेज करते हुए, भारत सरकार ने मछली पालन मूल्य श्रृंखला को मजबूत करने के लिए क्लस्टर दृष्टिकोण अपनाया है.

इसके लिए पीएमएमएसवाई के तहत पुडुचेरी के कराईकल को ‘फिशिंग हार्बर क्लस्टर’ के रूप में अधिसूचित किया गया है.

साथ ही कराईकल में कुल 119.94 करोड़ रुपये की लागत से एक ‘स्मार्ट और एकीकृत फिशिंग हार्बर’ भी विकसित किया जा रहा है.

यह आधुनिक सुविधा नावों को सुरक्षित रूप से खडा करने, स्वच्छ तरीके से मछली का रख-रखाव करने और कुशल विपणन को संभव बनाएगी.

साथ ही, यह परिचालन दक्षता में सुधार करेगी, मछली पालन मूल्य श्रृंखला को मजबूत करेगी और तटीय समुदायों के लिए आजीविका के बेहतर अवसर पैदा करेगी.

यह एकीकृत दृष्टिकोण मछली कृषक उत्पादक संगठन (एफएफपीओ) और मछली पालन सहकारी समितियों को उनकी संस्थागत क्षमता को मजबूत करने और आधुनिक अवसंरचना, वित्त, तकनीक, मूल्य संवर्धन और बाजारों तक उनकी पहुंच को बेहतर बनाने के जरिये उनके केंद्रित विकास में सहायता करेगा.

मछली पालन मूल्य श्रृंखला में सामूहिक कार्रवाई और अधिक भागीदारी को सक्षम करके, यह पहल पुडुचेरी की मछली पालन की संभावनाओं का स्थायी तरीके से दोहन करने, आय बढ़ाने और तटीय समुदायों के लिए आजीविका के नए अवसर पैदा करने में मदद करेगी.

Written by
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