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Fisheries: इंडो-नेपाल बार्डर बनेगा मछली पालन के साथ पर्यटन का हब

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प्रतीकात्मक तस्वीर.

नई दिल्ली. इंडो-नेपाल सीमा पर स्थित भीमनगर बॉर्डर क्षेत्र को मछली पालन और पर्यटन हब के रूप में विकसित करने के प्लान पर बिहार सरकार काम कर रही है. इससे न सिर्फ मछली पालकों की इनकम बढ़ेगी बल्कि सैलानियों के आने से दूसरे अन्य लोगों को भी रोजगार मुहैया होगा. इस काम को जमीन पर उतारने के लिए कवायद तेज हो गई है. इसी क्रम में पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग के संयुक्त निदेशक मो. राशिद फारूकी ने वीरपुर एसडीएम विनय कुमार एवं जिला मत्स्य पदाधिकारी के साथ भीमनगर बॉर्डर क्षेत्र का निरीक्षण किया. हर एक चीज को बारीकी से देखा.

अपने दौरे के दौरान अधिकारियों ने पूर्व निर्धारित स्थलों का जायजा लेते हुए वहां पर्यटन एवं मत्स्य विकास की संभावनाओं पर चर्चा की. करीब 20 मिनट तक चले निरीक्षण के बाद संयुक्त निदेशक मो. राशिद फारूकी ने बताया कि सीमावर्ती क्षेत्र में मत्स्य पालन के साथ पर्यटन की संभावनाओं को विकसित करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है. क्षेत्र में आने वाले पर्यटकों के लिए आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना है.

वॉटर पार्क भी बनाया जाएगा
उन्होंने मीडिया को जानकारी देते हुए कहा कि इसके तहत गेस्ट हाउस, वाटर पार्क और विभिन्न पर्यटन सुविधाएं विकसित करने का प्रस्ताव है.

उन्होंने बताया कि भंटाबारी एपीएफ चेकपोस्ट से एसएसबी चेकपोस्ट के आधुनिक गेस्ट हाउस बनेगा.

मत्स्य संपदा योजना के दूसरे चरण में सुपौल को विशेष रूप से फोकस करते हुए नई परियोजनाएं लाने का प्रयास किया जाएगा.

इससे क्षेत्र में मत्स्य पालन के साथ-साथ रोजगार और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा, जिसका फायदा सीधे तौर पर स्थानीय लोगों को मिलेगा.

वीरपुर एसडीएम विनय कुमार ने कहा कि भीमनगर को पर्यटन स्थल रूप में विकसित करने के लिए विभागों के साथ समन्वय किया जा रहा है.

गौरतलब है कि बिहार में पलायन एक बड़ी समस्या है. सरकार इसको भी रोकना चाहती है, हालांकि इसके लिए स्थानीय स्तर पर रोजगार होना चाहिए.

फिशरीज एक्सपर्ट कहते हैं कि बिहार में बहुत से जलाशय हैं, इनका इस्तेमाल मछली पालन को बढ़ावा देने के लिए सरकार करना चाहती है.

ऐसा करके न सिर्फ मछली पालन को बढ़ावा दिया जाएगा, बल्कि इससे स्थानीय लोगों को रोजगार भी मुहैया होगा.

निष्कर्ष
वहीं मछली पालन को बढ़ावा मिलने से बिहार को इस सेक्टर में मजबूती मिलेगी. राज्य की तरक्की में ये सेक्टर मदद करेगा.

Written by
Livestock Animal News Team

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