Home पशुपालन गडवासु: मेले में पशुपालकों को देशी नुस्खों से उपचार के तरीके भी बताए, लोगों ने जताई पशुपालन में रुचि
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गडवासु: मेले में पशुपालकों को देशी नुस्खों से उपचार के तरीके भी बताए, लोगों ने जताई पशुपालन में रुचि

Gadvasu, Guru Angad Dev Veterinary and Animal Sciences University, Animal Husbandry Fair, S. Khuddian visting Mela with Dr. Inderjeet Singh, VC and Officials
मेले में स्टाल का दौरान करते पंजाब के कृषि मंंत्री गडवासु के वीस

नई दिल्ली. गुरु अंगद देव वेटरनरी एंड एनिमल साइंसेज यूनिवर्सिटी, लुधियाना में पशुपालन मेले का उद्घाटन पंजाब के कृषि और किसान कल्याण, पशुपालन, डेयरी और मछली पालन के कैबिनेट मंत्री गुरमीत सिंह खुडियां ने किया. कैबिनेट मंत्री ने वाइस चांसलर डॉ. इंद्रजीत सिंह के साथ विभिन्न स्टालों का दौरा किया. कैबिनेट मंत्री खुडियां ने कहा कि पशुधन व्यवसाय से समाज और अर्थव्यवस्था में उनका योगदान लगातार बढ़ रहा है. उन्होंने किसानों से आगे आकर विश्वविद्यालयों की मदद से अधिक उत्पादन और आय प्राप्त करने की अपील की. उन्होंने विश्वविद्यालय की प्रसार सेवाओं की सराहना करते हुए कहा कि वे किसानों को सेवा प्रदान कर रहे हैं.

डॉक्टर इंद्रजीत सिंह ने कहा कि मेले को मवेशियों में स्वदेशी उपचार, कम लागत, अधिक पैदावार थीम के तहत डिजाइन किया गया है. इसी उद्देश्य के तहत एक विशेष स्टॉल के माध्यम से पशुपालकों को विभिन्न देशी नुस्खों से उपचार के बारे में भी जागरूक किया गया. उन्होंने किसानों को वैज्ञानिक ज्ञान और प्रौद्योगिकी की मदद से पशुपालन पेशा अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया.

तकनीक और नीतियां की गईं साझा
साल में दो बार मार्च और सितंबर के महीनों में आयोजित होने वाला यह मेला पशु प्रजनकों, वैज्ञानिकों, विस्तार कार्यकर्ताओं, डेयरी अधिकारियों, पशु पोषण विशेषज्ञों, मत्स्य पालन अधिकारियों और पशु उपचार और तकनीकी उपकरणों में शामिल विभिन्न कंपनियों को एक साझा मंच प्रदान करता है. इस मंच पर जहां नई जानकारी, तकनीक और नीतियां साझा की जाती हैं, वहीं विभिन्न अनुभवों पर भी चर्चा की जाती है.

पशु पालन को लेकर लोगों ने दिखाई रुचि
मेले के बारे में बताते हुए निदेशक पसार शिक्षा डॉ. प्रकाश सिंह बराड़ ने बताया कि बड़ी संख्या में लोग बकरी, सुअर और मछली पालन का व्यवसाय अपनाने के बारे में जानकारी प्राप्त कर रहे हैं. वह विश्वविद्यालय द्वारा संचालित भविष्य के प्रशिक्षण पाठ्यक्रमों के बारे में भी जानकारी प्राप्त करने के इच्छुक थे. पशुपालन के लिए विश्वविद्यालय द्वारा प्रकाशित पुस्तकों जैसे इस अवसर पर विश्व पशु चिकित्सा पोल्ट्री एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ.जितेंद्र वर्मा विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहे. इस दौरान पशुपालन विभाग के निदेयाक डॉ गुरशरणजीत सिंह बेदी, निदेशक और वार्डन मछली पालन जसवीर सिंह सुखबीर सिंह जाखड़, निदेशक, डेयरी विकास दुपिंदर सिंह, अध्यक्ष पनसीड महेंद्र सिंह सिद्धु, उपाध्यक्ष लघु, मध्यम उद्यम बोर्ड परमवीर सिंह, सदस्य पशु कल्याण बोर्ड मास्टर हरि सिंह, के अलावा डीन, निदेशक और अधिकारी भी उपस्थित रहे.

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