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लंपी से पशुओं को बचाने का सही तरीका क्या है

पशुपालक, किसान भाई अगर सावधानी अपनाएं तो वे अपने पशुधन को सुरक्षित रख सकते हैं. लंपी से बचाव के उपाय के तौर पर संक्रमित पशुओं को स्वस्थ पशुओं से रखें अलग. पशुओं के बाड़े की नियमित साफ-सफाई करें. संक्रमित क्षेत्र से पशुओं का आवागमन रोकें. लक्षण दिखते ही पशु चिकित्सक से संपर्क करें. प्रकोप के दौरान पशु मेले, बाजार और खरीद-बिक्री से बचें. स्वस्थ पशुओं का समय पर टीकाकरण कराएं.
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तकनीकी क्षमताओं को मजबूत करने को 43 डेयरी किसानों ने हिस्सा लिया

NDDB, सिलीगुड़ी के ईस्टर्न रीजनल डेमोंस्ट्रेशन एंड ट्रेनिंग सेंटर (ERDTC) ने NDDB द्वारा संचालित झारखंड मिल्क फेडरेशन 'मेधा- ताज़गी झारखंड की' के सहयोग से पांच दिन का डेयरी पशु प्रबंधन प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया. इस कार्यक्रम में 43 डेयरी किसानों ने हिस्सा लिया, जिसका मकसद उनकी तकनीकी क्षमताओं को मजबूत करना और वैज्ञानिक डेयरी फार्मिंग के तरीकों को बढ़ावा देना था. इस प्रशिक्षण में वैज्ञानिक प्रजनन और खान-पान, बीमारी से बचाव, साफ दूध का उत्पादन, पशुओं के रहने की जगह, बछड़ों और वयस्क पशुओं का प्रबंधन, डेयरी पशुओं का बीमा, सहकारी सिद्धांत, डिजिटल एक्सटेंशन टूल्स और डेयरी के काम में महिलाओं की अहम भूमिका जैसे विषय शामिल थे. प्रतिभागियों ने भारत में डेयरी विकास में NDDB के योगदान के बारे में भी जानकारी हासिल की. क्लास में होने वाली पढ़ाई के साथ-साथ प्रैक्टिकल अनुभव पर भी ध्यान देते हुए, इस कार्यक्रम में साइलेज बनाने, पशुओं का चारा मिलाने, शरीर का वजन मापने, मलाशय का तापमान मापने, चारा उगाने, वर्मीकम्पोस्टिंग, फ्लेक्सिबल बायोगैस सिस्टम और दूध निकालने वाली मशीनों के बारे में प्रैक्टिकल डेमो दिखाए गए. उषा डेयरी फार्म के दौरे से प्रतिभागियों की फील्ड-लेवल पर डेयरी प्रबंधन के तरीकों के बारे में समझ और भी बेहतर हुई. प्रतिभागियों ने कार्यक्रम के प्रैक्टिकल-ओरिएंटेड तरीके की सराहना की और पशुओं की उत्पादकता बढ़ाने, अपनी आजीविका को मजबूत करने और टिकाऊ डेयरी विकास में योगदान देने के लिए सीखी गई बातों को लागू करने का संकल्प लिया.




