नई दिल्ली. अंडे मुर्गियों से मिलने वाले प्रोटीन के सबसे सस्ते और पोषक तत्वों से भरपूर स्रोतों में से एक हैं. हाल के वर्षों में, लोगों की रुचि ‘फंक्शनल फूड्स’ (ऐसे खाद्य पदार्थ जो सामान्य पोषण के अलावा स्वास्थ्य लाभ भी देते हैं) में बढ़ी है. फंक्शनल फूड का एक उदाहरण ओमेगा-3 वाले अंडे भी हैं. ओमेगा-3 अंडों का उत्पादन अंडे देने वाली मुर्गियों के आहार में बदलाव करके किया जाता है, ताकि अंडे की जर्दी (yolk) में ओमेगा-3 फैटी एसिड की मात्रा बढ़ाई जा सके. जिसका फायदा इसका सेवन करने वालों को मिल सके.
बता दें कि ओमेगा-3 फैटी एसिड जरूरी पॉलीअनसैचुरेटेड फैटी एसिड होते हैं, जो इंसानी सेहत के लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं. अल्फा-लिनोलेनिक एसिड (ALA), इकोसापेंटेनोइक एसिड (EPA) और डोकोसाहेक्साएनोइक एसिड (DHA) तीन मुख्य ओमेगा-3 फैटी एसिड हैं. इनसे इम्यून सिस्टम (रोग प्रतिरोधक क्षमता) मजबूत होती है. वहीं काम करने की क्षमता में सुधार होता है. दिमाग का विकास होता है और दिल की सेहत के लिए भी ये बेहतर है. साथ ही सूजन कम होने जैसे फायदे इसमें हैं.
ओमेगा-3 वाले अंडों के फायदे
अंडे देने वाली मुर्गियों को ओमेगा-3 से भरपूर खाना खिलाकर उनके अंडों में ओमेगा-3 की मात्रा बढ़ाई जा सकती है.
आम तौर पर इस्तेमाल होने वाले खाने की चीजों में किया जाता है. अलसी (flaxseed) और अलसी का तेल.
मछली का तेल, माइक्रोएल्गी या एल्गी मील (शैवाल का पाउडर) और चिया के बीज
कैनोला तेल.
इन चीजों से मिलने वाले ओमेगा-3 फैटी एसिड शरीर द्वारा सोख लिए जाते हैं और अंडे की जर्दी में जमा हो जाते हैं, जिससे सामान्य अंडों की तुलना में बहुत ज्यादा ओमेगा-3 वाले अंडे मिलते हैं.
लोगों में दिल की सेहत को बेहतर बनाता है.
दिमाग और आंखों के विकास को बढ़ावा देता है.
ओमेगा-3 फैटी एसिड को आसानी से उपलब्ध और किफायती बनाता है.
अंडों की बाज़ार में कीमत बढ़ाता है.
ग्राहकों की फंक्शनल फूड्स की बढ़ती मांग को पूरा करता है.
फायदे होने के बावजूद, ओमेगा-3 वाले अंडे बनाने में कुछ मुश्किलें भी आती है.
खास चीजों के इस्तेमाल से चारे की कीमत बढ़ जाती है.
ज्यादा मछली का तेल इस्तेमाल करने पर अंडे में मछली जैसा स्वाद आ सकता है.
स्टोर करने के दौरान ओमेगा-3 फैटी एसिड ऑक्सीडेटिव डिग्रेडेशन (ऑक्सीकरण के कारण खराब होना) का शिकार हो सकते हैं.












