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Poultry Farming: मुर्गे-मुर्गियों को कम लागत वाली तकनीक से पालने को बढ़ावा देने पर दिया जोर

रोगी पक्षियों के पंख बिखरे-बिखरे व लटके रहते हैं और कॉम्ब पर पीलापन नजर आता है.
प्रतीकात्मक तस्वीर।

नई दिल्ली. भारत सरकार के पशुपालन एवं डेयरी विभाग (डीएएचडी) के सचिव नरेश पाल गंगवार ने पिछले दिनों मुंबई के गोरेगांव स्थित केंद्रीय पोल्ट्री विकास संगठन (पश्चिमी क्षेत्र) का दौरा किया. इस दौरे के दौरान डीएएचडी के संयुक्त सचिव डॉ. मुथुकुमारसामी बी. और विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे. सचिव गंगवार ने सीपीडीओ (पश्चिमी क्षेत्र) के कामकाज की समीक्षा की, जिसमें प्रजनन, चूजों का पालन-पोषण और प्रशिक्षण गतिविधियां शामिल थीं. उन्होंने हैचरी, ब्रूडर हाउस, पैरेंट स्टॉक, फीड प्लांट और प्रशिक्षण सुविधाओं का निरीक्षण किया. राष्ट्रीय पशुधन मिशन (एनएलएम) और अन्य पोल्ट्री विकास योजनाओं के कार्यान्वयन की भी समीक्षा की गई.

सचिव ने कम लागत वाली तकनीक से पाले जाने वाले पक्षियों को बढ़ावा देने, स्वदेशी पोल्ट्री नस्लों के संरक्षण, जैव सुरक्षा उपायों को मजबूत करने और पोल्ट्री बुनियादी ढांचे के आधुनिकीकरण पर जोर दिया. गंगवार ने निर्देश दिया कि किसान-केंद्रित प्रशिक्षण और गुणवत्तापूर्ण चूजों की आपूर्ति को और बेहतर बनाया जाए और सीपीडीओ टीम के प्रयासों की सराहना की.सचिव ने मुंबई स्थित सीपीडीओ में प्रशिक्षित पोल्ट्री उद्यमियों से बातचीत की.

पोल्ट्री गैलरी का भी दौरा किया
उद्यमियों ने अपनी सफलता की कहानियां और अनुभव साझा करते हुए पोल्ट्री क्षेत्र में उद्यमिता विकास के लिए सीपीडीओ के प्रशिक्षण कार्यक्रमों के योगदान पर प्रकाश डाला.

तकनीकी ज्ञान और पोल्ट्री संबंधी शिक्षा को क्षेत्रीय भाषाओं में सुलभ बनाने के लिए हिंदी और मराठी में पोल्ट्री प्रबंधन की पुस्तकों का विमोचन किया गया.

मुंबई स्थित सीपीडीओ के सफल प्रशिक्षु छात्रों को उनकी उपलब्धियों और प्रेरणादायक सफलता की कहानियों के लिए सम्मानित किया गया.

एक पेड़ मां के नाम” पहल के अंतर्गत, गणमान्य व्यक्तियों ने पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण और हरित भविष्य के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया.

गणमान्य व्यक्तियों ने पोल्ट्री गैलरी का भी दौरा किया और मुंबई के सीपीडीओ के पुनर्विकास के संबंध में केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (सीपीडब्ल्यूडी) के अधिकारियों के साथ विस्तृत चर्चा की.

कार्यक्रम का समापन मुंबई पशु चिकित्सा महाविद्यालय के बीवीएससी एवं एएच के अंतिम वर्ष के छात्रों के साथ पशु चिकित्सा और पोल्ट्री क्षेत्रों में अवसरों, चुनौतियों और उभरते भविष्य की संभावनाओं पर हुई बातचीत के साथ हुआ.

सचिव ने मुंबई स्थित पशु संगरोध एवं प्रमाणीकरण सेवा (एक्यूसीएस) का भी दौरा किया, जो जीवित पशुओं और पशु उत्पादों के आयात के माध्यम से पशु रोगों के प्रवेश को रोककर देश की जैव सुरक्षा बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है.

गंगवार ने केंद्र के कामकाज की समीक्षा की और इसकी अवसंरचना एवं परिचालन क्षमताओं को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से चल रही और प्रस्तावित विकास गतिविधियों का जायजा लिया.

इस दौरे से मुंबई स्थित सीपीडीओ (पश्चिमी क्षेत्र) को पोल्ट्री विकास, प्रशिक्षण एवं प्रौद्योगिकी प्रसार के उत्कृष्टता केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए बहुमूल्य मार्गदर्शन प्राप्त हुआ.

Written by
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