नई दिल्ली. पोल्ट्री फॉर्मर्स पोल्ट्री फार्मिंग में सोनाली मुर्गियां पालते हैं, ताकि उन्हें मुनाफा अच्छा मिले, लेकिन कई बार मुर्गियों का वजन नहीं बढ़ पाता है. जिससे पोल्ट्री फॉर्मर्स को नुकसान उठाना पड़ता है. एक्स्पर्ट कहते हैं कि ऐसे में इसकी वजह तलाशना बेहद ही जरूरी है. क्योंकि सोनाली मुर्गी का अगर वजन नहीं बढ़ रहा है तो इसके कई कारण हो सकते हैं. अगर आपकी भी सोनाली मुर्गियों समय पर वजन नहीं बढ़ा रहीं, तो इन कारणों की जांच जरूर करें. ताकि वजह का पता लगाकर समस्या दूर की जाए और फिर उत्पादन बेहतर मिल सके.
एक्सपर्ट कहते हैं कि उनके फीड में प्रोटीन, ऊर्जा, विटामिन और मिनरल की कमी से वृद्धि रुक जाती है. केवल दाना या बचा खुचा खाना देना सही नहीं है. इसका समाधान ये है कि संतुलित फीड दें. स्टार्टर, ग्रोवर, फिनिशर फीड मुर्गियों को खिलाएं वहीं बासी, फफूंदी लगा या घटिया फीड मुर्गियों के पाचन और वृद्धि को प्रभावित करता है.
ये भी वजह है
फीड की गुणक्ता खराब है तो वो मुर्गियों को न दें. हमेशा अच्छा और ताजा फीड ही इस्तेमाल करें.
लाइट की कमी के कारण भी ऐसा हो सकता है. इसलिए जितनी देर जरूरत है, उतनी रोशनी मुर्गियों को दें.
पानी की कमी या खराब पानी भी नुकसानदेह है. स्वच्छ और पर्याप्त पानी न मिलने से मुर्गियों की भूख कम हो जाती है और वजन नहीं बढ़ता है.
इसलिए साफ च ठंडा पानी हमेशा उपलव्ध रखें. वहीं अन्य पोषक तत्वों की कमी से भी उत्पादन प्रभावित होता है.
आंतों के कीड़े, कोसिडियोसिस, न्यूकस्ल, CRD जैसी बीमारियों वजन बढ़ने में बड़ी रुकावट बनती है. इसलिए समय पर टीकाकरण और डीवार्मिंग करें.
वहीं कम जगह, ज्यादा मुर्गियों की संख्या और गंदगी तनाव बढ़ाती है और मुर्गियों की वृद्धि एकदम रुक जाती है. इसलिए पर्याप्त जगह दें और शेड को साफ-सुथरा रखें.
बहुत अधिक गर्मी या ठंड से मुर्गियों की भूख कम होती है और वजन नहीं बढ़ता है. तापमान 18°C से 30°C के बीच रखें.
कम रोशनी से मुर्गियां कम खाती हैं और उनकी वृद्धि धीमी होती है. 23-24 घंटे तक पर्याप्त रोशनी दें.
कैश्लियम, फॉस्फोरस, विटामिन A, D3, E, K, B कॉम्लेक्स की कमी से विकास रुक जाता है.
शोर-शराबा, बार-बार पकड़ना, शिकारियों का डर या स्थान परिवर्तन से तनाव होता है और वजन नहीं बढ़ता. मुर्गियों को शांत वातावरण और सुरक्षित स्थान दें.
निष्कर्ष
मुर्गियों को संतुलित और पौष्टिक फीड दें. हमेशा साफ और पर्याप्त पानी दें. समय पर टीकाकरण और डीवार्मिंग करें. शेड की सफाई और हवादार व्यवस्था रखें. नियमित वजन जांच और रिकॉर्ड रखें. इससे मुर्गियों का वजन जल्दी बढ़ेगा.












