Home मछली पालन Fish Farming: देश में ओर्नामेंटल फिश फार्मिंग के विकास के लिए सरकार ने क्या कदम उठाए, पढ़ें यहां
मछली पालन

Fish Farming: देश में ओर्नामेंटल फिश फार्मिंग के विकास के लिए सरकार ने क्या कदम उठाए, पढ़ें यहां

ornamental fish farming
प्रतीकात्मक तस्वीर.


नई दिल्ली. मछली पालन करके खूब कमाई की जा सकती है. जहां खाने के इस्तेमाल में आने वाली मछलियों को तालाब और टैंक में पाला जाता है. मछली की फसल जब तैयार हो जाती है तो ये अच्छा मुनाफा देती है. एक एकड़ में फिश फार्मिंग करके पांच लाख रुपये तक की कमाई की जाती है. वहीं फिश फार्मिंग में ओर्नामेंटल मछलियों कासे भी पालकर कमाई की जा सकती है. अक्सर लोग अपने घरों में इस तरह की मछलियां एक्वेरियम में पालकर घरों की खूबसूरती में चार चांद लगाते हैं, जिसका बड़ा बिजनेस है.

एक सवाल के जवाब में पशुपालन और डेयरी मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ​​ललन सिंह ने राज्यसभा में जवाब देते हुए कहा कि भारत में अंतर्देशीय और समुद्री जल में अलंकारिक (ओर्नामेंटल) मछलियों की समृद्ध विविधता है. भारत में 374 से अधिक मीठे पानी की स्वदेशी अलंकारिक मत्स्य प्रजातियां हैं और 700 से अधिक स्वदेशी समुद्री अलंकारिक मत्स्य प्रजातियां पाई जाती हैं. c

PMMSY में अबतक कितना हुआ निवेश
पशुपालन और डेयरी मंत्री ने कहा कि मत्स्य पालन विभाग, मत्स्यपालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय भारत में मात्स्यिकी क्षेत्र के सतत और जिम्मेदार विकास के माध्यम से अलंकारिक मात्स्यिकी के विकास तथा नीली क्रांति लाने के मद्देनजर से सभी राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों में वित्त वर्ष 2020-21 से वित्त वर्ष 2024-25 तक 5 साल की अवधि के लिए मात्स्यिकी क्षेत्र में 20 हजार 50 करोड़ रुपए के अब तक के सबसे अधिक निवेश के साथ “प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (PMMSY)” नामक प्रमुख योजना को लागू कर रहा है.

157 करोड़ के प्रस्तावों को दी मंजूरी
उन्होंने कहा कि चार वित्तीय वर्षों (2020-21 से 2023-24) और मौजूदा वित्तीय वर्ष 2024-25 के दौरान, मत्स्यपालन विभाग, भारत सरकार ने 193 बैकयार्ड ओर्नामेंटल फिश रियरिंग यूनिट, 195 मीडियम स्केल ओर्नामेंटल फिश रियरिंग यूनिट, 32 इंटीग्रेटेड ओर्नामेंटल फिश यूनिट और 2 ओर्नामेंटल फिश ब्रूड बैंकों की स्थापना के लिए 157.64 करोड़ रुपए के कुल लागत पर अलंकारिक मात्स्यिकी (ओर्नमेंटल फिशरीस) विकास प्रस्तावों को मंजूरी दी है. इसके अलावा, एमपीईडीए इंपोर्ट करने वाले देशों की स्वच्छता जरूरतों के पालन को सुनिश्चित करने के लिए निर्यात के लिए अलंकारिक मछलियों का परीक्षण और सर्टिफिकेशन भी कर रहा है. पर्यावरणीय और सामाजिक-आर्थिक स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए एमपीईडीए द्वारा मीठे पानी की अलंकारिक मछलियों (फ्रेश वॉटर ओर्नामेंटल फिश) के सर्टिफिके के लिए दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं.

Written by
Livestock Animal News Team

Livestock Animal News is India’s premier livestock awareness portal dedicated to reliable and timely information.Every news article is thoroughly verified and curated by highly experienced authors and industry experts.

Related Articles

fish farming in tank
मछली पालन

Fish Farming: घर पर मछली पालन करके कमाई करें तगड़ी, इसका तरीका भी है बिल्कुल आसान

नई दिल्ली. क्या आप जानते हैं कि सिर्फ 50 स्क्वायर फीट में...

पशुपालनमछली पालन

Kisan Mela: किसान मेले में पशुपालन और मछली पालन के फायदे गिनाए

नई दिल्ली. गुरु अंगद देव वेटरनरी एंड एनिमल साइंसेज यूनिवर्सिटी, लुधियाना के...

1.2 million fisher households nationwide bringing in real-time validation.
मछली पालन

Fisheries News: मछुआरों की इनकम बढ़ाने के लिए 130 करोड़ जारी, शैक्षिक मदद भी मिलेगी

नई दिल्ली. पुडुचेरी के मुख्यमंत्री श्री एन. रंगासामी ने फिशरीज सेक्टर से...