Home मछली पालन Fish Farming: क्या होता है बंधे वाला तालाब और कैसे बनता है, इसमें ऐसे करें फिश फार्मिंग तो खूब होगा उत्पादन
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Fish Farming: क्या होता है बंधे वाला तालाब और कैसे बनता है, इसमें ऐसे करें फिश फार्मिंग तो खूब होगा उत्पादन

CIFE will discover new food through scientific method
मछली का प्रतीकात्मक फोटो

नई दिल्ली. तालाब में मछली पालना एक बेहद ही फायदेमंद सौदा है. मछली पालन करके अच्छी इनकम हासिल की जा सकती है. एक्सपर्ट का कहना है कि बंधे वाले तालाब में कार्प मछलियों का पालन करना चाहिए. ऐसे में मछली पालकों को ये पता होना चाहिए कि तालाब में क्या—क्या व्यवस्थाएं होनी चाहिए. तालाब का आकार क्या होना चाहिए. अगर इन सब चीजों की जानकारी रहेगी तो फिर इसका फायदा मछलियों के प्रोडक्शन में मिलेगा. मछलियों का प्रोडक्शन ज्यादा होने पर इनकम ज्यादा होगी.

एक्सपर्ट कहते हैं कि संवर्धन तालाब का अच्छा आकार 0.4-1 हेक्टेयर एवं गहराई 2-3 मीटर होना चाहिए. आमतौर पर एक हेक्टेयर जलक्षेत्र के तालाब में 5,000-10,000 फिंगर्स का संचयन किया जाता है. इससे 3-5 टन मछली का प्रोडक्शन हर साल हासिल किया जा सकता है. तालाब के बेहतर प्रबंधन से मछलियों का उत्पादन 05-08 टन प्रति हेक्टेयर प्रति वर्ष प्राप्त किया जा सकता है.

फीड में क्या-क्या देना है
एक्सपर्ट के मुताबिक सरसों की खल्ली और धान के कुंडे को 1:1 के अनुपात में मिला कर खिलाना कार्प मछलियों के लिए उपयुक्त पाया गया है. आहार की मात्रा मछली के कुल वजन का 3-5 प्रतिशत तक दिया जाए. विटामिन और खनिज लवणों की जरूरतों को पूरा करने के लिए प्लैंकटन का इस्तेमाल किया जाता है, लेकिन बहुत अधिक संचयन की स्थिति में एक प्रतिशत विटामिन और मिनरल मिक्सर को अन्य फीड के साथ मिलाकर देना चाहिए. कार्प मछलियों की फार्मिंग में कुल लागत खर्च का 50 प्रतिशत या उससे भी ज्यादा खर्च उसके प्रबंधन के आधार पर होता है.

कितना देना चाहिए फीड
फिंगर्स के संचयन की स्थिति से शुरुआत में शारीरिक वजन में 5 प्रतिशत भोजन देना चाहिए जो क्रमशः घटकर धीरे-धीरे 2-3 प्रतिशत पर आ जाती है. आमतौर पर कार्प मछलियों के पालन में सरवाइवल 80-90 प्रतिशत होती है जिसका अनुमान मछलियों के खाने का प्रति माह नमूना लेकर लगाया जा सकता है. अगर तालाब में ग्रास कार्प भी संचित किया गया हो तो उस स्थिति में जलीय पौधे को ग्रास कार्प के वजन के बराबर से दो गुना वजन में खिलाया जा सकता है.

हेल्थ का रखें ख्याल
हेल्थ और पानी प्रबंधन के लिए नियमित रूप से खाद तथा चूने का प्रयोग किया जाना चाहिए. तालाब के जल की गहराई 1.5 से 2.0 मीटर भी संतुलित रखना चाहिए. जिस तालाब में संचयन दर ज्यादा हो तो उसमें पानी बदलते रहना चाहिए ताकि घुलित ऑक्सीजन उचित मात्रा में बनी रहे.

कितना उत्पादन होगा
8-10 सेमी की फिंगर्स 8-10 माह में बढ़कर 1-1.5 किलोग्राम की हो जाती है. मछलियों को तालाब से निकालने के लिए उपयुक्त महाजाल का उपयोग करते हैं. फसल को सुबह में हासिल किया जाना चाहिए. आमतौर पर सरवाइवल 80-90 प्रतिशत होनी चाहिए. जिसे बेहतर मैनेजमेंट से बढ़ाया जा सकता है. मछलियों की निकासी के एक दिन पूर्व आहार का प्रयोग बंद कर देना चाहिए.

Written by
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