Home पशुपालन Animal News: राजस्थान में फर्स्ट कैटेगिरी के होंगे 19 पशु हॉस्पिटल, पशुओं के लिए हुए और भी बड़े फैसले
पशुपालन

Animal News: राजस्थान में फर्स्ट कैटेगिरी के होंगे 19 पशु हॉस्पिटल, पशुओं के लिए हुए और भी बड़े फैसले

सीता नगर के पास 515 एकड़ जमीन में यह बड़ी गौशाला बनाई जा रही है. यहां बीस हजार गायों को रखने की व्यवस्था होगी. निराश्रित गोवंश की समस्या सभी जिलों में है इसको दूर करने के प्रयास किया जा रहे हैं.
प्रतीकात्मक तस्वीर.

नई दिल्ली. सरकारें पशुपालन को बढ़ावा देने के लिए कई काम कर रही हैं. इसी क्रम में राजस्थान सरकार ने भी अपने राज्य में पशुपालन को लेकर अहम फैसले किये हैं. ये फैसले पशुओं की सेहत से जुड़े हैं. सरकार की ओर से अपने फैसले में पशुओं के लिए हैल्थ स्ट्रक्चर को और ज्यादा मजबूत करने का फैसला लिया गया. जिसके तहत राज्य में 19 पशु हॉस्पिटल को फर्स्ट कैटेगिरी में लाने का फैसला किया है. वहीं कुछ अन्य फैसले भी पशुपालन को लेकर किये गए हैं.

सरकार की ओर से कहा गया है कि वित्तीय वर्ष 2024-25 की बजट घोषणा के तहत राज्य सरकार ने आदेश जारी कर 19 पशु अस्पतालों को फर्स्ट कैटेगिरी पशु हॉस्पिटल के रूप में डेवलप करने का फैसला किया है. वहीं 98 पशु चिकित्सा उपकेंद्रों को पशु चिकित्सा केंद्रों में तब्दील करने का फैसला किया है. जिसके लिए प्रशासनिक और वित्तीय मंजूरी भी दे दी गई है.

इस फैसले से क्या होगा फायदा
इस संबंध में पशुपालन एवं गोपालन मंत्री जोराराम कुमावत ने बताया कि राज्य सरकार प्रदेश में पशु चिकित्सा सेवाओं के विस्तार के लिए लगातार कोशिश में लगी हुई है. इसी के तहत बजट घोषणा के कंप्लायंस में कई जिलों में तमाम कैटेगरी के अस्पतालों का प्रमोट किया गया है. उन्होंने बताया कि इससे पशुपालकों को उनके पशुओं के लिए अपने नजदीक ही बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी. पशुओं के बीमार होने पर उन्हें इलाज मिलेगा तो इससे उनके उत्पादन पर भी असर नहीं पड़ेगा. इससे राज्य दूध उत्पादन में और आगे जाएगा. साथ ही विभागीय योजनाओं का फायदा मिलने भी सुविधा हो सकेगी.

कहां कितने अस्पताल आए फर्स्ट कैटेगिरी में
मंत्री ने जानकारी देते हुए बताया कि नागौर में 2, भरतपुर में 3, पाली में 4 और अलवर, चित्तौड़, जालोर, कुचामन सिटी, झुंझुंनू, बाड़मेर, सवाई माधोपुर, सीकर, बीकानेर, और चुरू के 1-1 पशु अस्पतालों को फर्स्ट कैटेगिरी हॉस्पिटल में प्रमोट किया गया है. इसी तरह बाड़मेर में 8, भरतपुर और जयपुर में 7-7, पाली में 16, जालोर में 9, नागौर, कोटा और भीलवाड़ा में 4-4, अजमेर में 6, झुंझुंनू में 5, दौसा, टोंक, चित्तौड़गढ़ और जोधपुर में 3-3, बीकानेर, चुरू, श्रीगंगानगर, सवाई माधोपुर, कुचामन सिटी में 2-2, धौलपुर, उदयपुर, डूंगरपुर, सिरोही, सीकर और हनुमानगढ़ में 1-1 पशु चिकित्सा उपकेंद्रों को पशु चिकित्सालयों में प्रमोट करने के आदेश जारी किए जा चुके हैं. उन्होंने बताया कि इसके साथ ही इन सभी पशु चिकित्सा संस्थानों में नए पदों के सृजन की स्वीकृति भी जारी की गई है. सभी क्रमोन्नत 98 पशु चिकित्सालयों एवं 19 प्रथम श्रेणी के पशु चिकित्सालयों के लिए आवश्यक उपकरण एवं फर्नीचर के लिए तत्काल 30-30 हजार रुपये भी मंजूर किए गए हैं.

Written by
Livestock Animal News Team

Livestock Animal News is India’s premier livestock awareness portal dedicated to reliable and timely information.Every news article is thoroughly verified and curated by highly experienced authors and industry experts.

Related Articles

पशुपालन

Animal Husbandry: कब पशु चारा खाना और पानी पीना कर देते हैं बंद, जुगाली से करें पहचान

नई दिल्ली. पशुओं के साथ कई तरह की समस्याएं होती हैं. जिससे...

Animal Husbandry: Farmers will be able to buy vaccines made from the semen of M-29 buffalo clone, buffalo will give 29 liters of milk at one go.
पशुपालन

Animal: पशुपालन में नहीं करना चाहिए ऑक्सीटोसिन का इस्तेमाल, फायदा कम नुकसान ज्यादा है

नई दिल्ली. पशुपालन में ऑक्सीटोसिन का इस्तेमाल बहुत से लोग करते हैं....