Home मछली पालन Fisheries: मछुआरों की समस्याओं को हल करने पर दिया गया जोर, परेशानियों का हल भी बताया
मछली पालन

Fisheries: मछुआरों की समस्याओं को हल करने पर दिया गया जोर, परेशानियों का हल भी बताया

Under the Prime Minister Matsya Sampada Yojana (PMMSY), the flagship scheme of the Government of India in Andhra Pradesh, a total investment of Rs 2300 crore has been envisaged in the fisheries sector for five years. livestockanimalnews
समुंद्र से मछली पकड़ते मछुआरे. Live stockanimalnews

नई दिल्ली. तमिलनाडु राज्य के समुद्री फिशरीज सेक्टर में मिलकर एक दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ने को लेकर चर्चा हुई. ​तमिलनाडु के मत्स्य सचिव डॉ. एन. सुभाईयन ने सभी मत्स्य अनुसंधान संस्थानों, एजेंसियों और संगठनों के लिए एक साझा निकाय का प्रस्ताव रखा है. यह प्रस्ताव यहां मंगलवार को एक राष्ट्रीय कार्यशाला में प्रस्तुत किया गया, जिसका उद्देश्य क्षेत्र के विकास के लिए एक समान और व्यवहारिक रणनीति लाना और मछली पकड़ने वाले समुदाय द्वारा सामना किए जा रहे मुद्दों को हल करना है. इस निकाय में विभिन्न मछली अनुसंधान संस्थानों और संगठनों से वैज्ञानिक शामिल होंगे.

उन्होंने कहा कि यह निकाय विभिन्न एजेंसियों से जमीन पर हल के साथ एकीकृत करने के लिए वैज्ञानिक और तकनीकी समर्थन प्रबंधित कर सकता है. एकीकृत मंच वैज्ञानिक समुदाय और मछली पालन के प्रबंधकों के प्रयासों को एकजुट करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे राज्य की मछली पकड़ने वाली जनसंख्या की भलाई और क्षेत्र के सतत विकास के लिए एक अधिक समेकित रणनीति को बढ़ावा मिल सके.

एक्सपर्ट ने कई अहम मुद्दे उठाए
मछली पकड़ने के प्रबंधन में सभी केे प्रयासों की कमी की ओर इशारा करते हुए, उन्होंने कहा कि मछली पकड़ने की समुदाय समस्याओं का सामना करना है.

नीति निर्माण और वैज्ञानिक अनुसंधान को एक साथ चलना चाहिए और वैज्ञानिक डिजाइन को क्षेत्र में समस्याओं के स्थायी समाधान को संबोधित करना चाहिए.

TNJFU के उपकुलपति डॉ. एन फेलिक्स ने सबूत आधारित मत्स्य प्रबंधन की आवश्यकता पर जोर दिया, विश्वविद्यालय की प्रस्तावित योजना को उजागर करते हुए जिसमें मछली पकड़ने पर लागू प्रतिबंध की फिर से प्रमाणन, पारिस्थितिकी मॉडलिंग और आक्रामक मछलियों की पहचान जैसी विभिन्न शोध पहलों शामिल हैं.

उन्होंने यह भी कहा कि विश्वविद्यालय राज्य में तापीय बिजली प्लांटों के प्रदूषण पहल और उनके जल संसाधनों पर पड़ने वाले प्रभाव का अध्ययन करने के लिए प्रतिबद्ध है.

समुद्री वैज्ञानिक, अकादमिक, नौ तटीय राज्यों के मत्स्य अधिकारी, एनजीओ और इस क्षेत्र के अन्य हितधारक कार्यशाला में भाग ले रहे हैं.

बीओबीपी-आईजीओ के निदेशक डॉ पी कृष्णन ने कहा कि कार्यशाला काम की योजना और देश के समुद्री मछली पालन क्षेत्र में प्रमाण-आधारित निर्णय लेने को समाहित करने के लिए एक समग्र रोड मैप तैयार करेगी.

Written by
Livestock Animal News Team

Livestock Animal News is India’s premier livestock awareness portal dedicated to reliable and timely information.Every news article is thoroughly verified and curated by highly experienced authors and industry experts.

Related Articles

Further, necessary provisions are made by the State Government in their respective Marine Fishing Regulation Acts Rules (Amendments) for the installation of Turtle Excluder Devices (TED) for the protection of sea turtles.
मछली पालनसरकारी स्की‍म

Fisheries News: मछली पालन में नुकसान होने पर एक लाख रुपये तक की आर्थिक मदद करती है सरकार

नई दिल्ली. जैसे-जैसे जलीय कृषि का विस्तार नए फार्मों के माध्यम से...

fish farming
मछली पालन

Fisheries: मछली के तालाब की पहले करें जुताई फिर चूना और गोबर खाद भी डालें, 8-10 दिन बाद पानी भरें

नई दिल्ली. मछली पालन के लिए सबसे जरूरी तालाब की तैयारी है....

fish pond
मछली पालन

Fish Farming: एक एकड़ में पंगेशियस मछली से छह माह में होगा 4 से 5 लाख का मुनाफा

नई दिल्ली. अगर आप मछली पालन करने की सोच रहे हैं तो...

fish farming in tank
मछली पालन

Fish Farming: PMMSY के तहत आरएएस और बायोफ्लॉक तकनीक को दिया जा रह है बढ़ावा

नई दिल्ली. मछली पालन में अब नई तकनीकों का इस्तेमाल किया जा...