नई दिल्ली. अगर आप लोग बरसात के समय में मुर्गी पालन करते हैं तो मुर्गियों की देखभाल किस तरीके से करना है, ये बात जानना बेहद जरूरी है. जैसे मुर्गियों को स्वस्थ रखना चाहते हैं और बीमारियों से बचाना चाहते हैं तो पानी की सफाई पर खाास ध्यान रखें. क्योंकि बरसात के समय पानी जल्दी दूषित हो जाता है और जिसकी वजह से मुर्गियों को पेट की बीमारियां होती हैं. मुर्गियों को इकोलाई भी हो जाती है तो इस समय मुर्गियों को स्वस्थ रखना चाहते हैं और बीमारियों से बचाना चाहते हैं तो पानी को साफ रखना ही होगा.
यदि पानी टंकी में रखते हैं और यही पानी मुर्गियों को देते हैं तो पानी की टंकी को नियमित रूप से साफ करना चाहिए. दरसअल, दूषित पानी अगर मुर्गियां पीएंगी तो वो बीमार भी पड़ सकती हैं. इसीलिए मुर्गियों को हमेशा साफ और फ्रेश पानी पीने के लिए देना चाहिए. अगर आप लोग बरसात के समय में मुर्गियों को स्वस्थ रखना चाहते हैं तो ये भी करना ही होगा.
फीड खराब हो जाता है
मुर्गियों के फीड को अच्छे से रखना भी जरूरी है. फीड को नमी से बचाना चाहिए. और खराब होने से बचाना चाहिए.
अगर मुर्गियों के फीड को ऐसी जगह पर रखते हैं, जहां बारिश के तेज छींटे पड़ते हैं तो दाना खराब हो जाता है.
फीड में फंगस लग जाता है. अगर दाना में नमी आ गई तो फंगस लग जाएगा और मुर्गियों को जानलेवा बीमारी हो सकती है.
मुर्गियों के दाना को सीधे जमीन पर या दीवार पर सटाकर नहीं रखना चाहिए इससे भी दिक्कतें आती हैं.
फीड को लकड़ी के तख्तों पर रखना सही होता है. एक जरूरी बात ये कि मुर्गियों को जरूरत से ज्यादा दाना नहीं देना चाहिए.
जब बर्तन में जरूरत से ज्यादा दाना रखा जाता है तो फीड सड़ने लग जाता है. इसीलिए मुर्गियों को उतना ही फीड दें जितना वो खा लें.
अगर बर्तन में दाना रह जाता है तो वह दाना सड़ने लगता है और वह दाना मुर्गियों को बीमार कर देता है.
मुर्गियों को स्वस्थ रखना चाहते हैं तो टीकाकरण पे ध्यान देना चाहिए. इससे बीमारियों से बच हो जाएगी.
क्योंकि इससे इससे रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ जाती है. उसके साथ-साथ मुर्गियों को समय पर सही तरीके से रानीखेत और गंबोरों की वैक्सीन दीजिए.
वहीं मुर्गियों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए मुर्गियों को समय-समय पर विटामिन सी और बी कॉम्प्लेक्स देना चाहिए.
निष्कर्ष
उसके साथ-साथ लिवर टॉनिक भी देना चाहिए. साथियों इस समय गर्मी भी ज्यादा होती है तो इसीलिए विटामिन या लिवर टॉनिक मुर्गियों को दें लेकिन नजदीक पशु चिकित्सक से मिल लें.












