Home पशुपालन Animal: राजस्थान में खोले जाएंगे 403 पशु औषधि केंद्र सस्ती जेनेरिक दवा मिलेगी और युवाओं को रोजगार
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Animal: राजस्थान में खोले जाएंगे 403 पशु औषधि केंद्र सस्ती जेनेरिक दवा मिलेगी और युवाओं को रोजगार

ब्रुसेलोसिस ब्रुसेला बैक्टीरिया के कारण होता है जो मुख्य रूप से पशुधन (जैसे गाय, भेड़, बकरी) में पाए जाते हैं.
प्रतीकात्मक तस्वीर.

नई दिल्ली. राजस्थान सरकार ने पशुपालकों तोहफा दिया है. अब पशुओं के इलाज के लिए महंगी दवाओं के लिए शहरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे. सरकार ने प्रदेश भर में कुल 41 जिला मुख्यालय और 362 ब्लॉक मुख्यालय सहित 403 पशु औषधि विक्रय केंद्र खोलने जा रही है, जहां जेनरिक दवाएं बाजार से काफी सस्ती मिलेंगी. इन केंद्रों के माध्यम से न सिर्फ पशुपालकों के पशुओं को सस्ता और गुणवत्तापूर्ण इलाज मिलेगा, बल्कि ग्रामीण युवाओं और संस्थाओं को स्वरोजगार का सुनहरा अवसर भी मिलेगा. पशुपालन विभाग ने इसके लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है.

दरअसल, अब तक पशुपालकों को दूर-दराज की दुकानों पर निर्भर रहना पड़ता था. नई योजना से यह परेशानी खत्म होगी. सरकार प्रदेश के हर जिला और ब्लॉक मुख्यालय पर पशु औषधि किक्रय केंद्र स्थापित कर रही है. इन केंद्रों पर पशुपालकों को जेनरिक पशु दवाएं, खनिज मिश्रण, पशु आहार पूरक और अन्य आवश्यक चिकित्सा सामग्री एक ही छत के नीचे और सुलभदरों पर मिलेंगी.

पशुओं की मृत्युदर होगी कम
इससे इलाज सस्ता होगा और पशुधन की मौत दर में भी कमी आएगी. वहीं यह योजना युवाओं के लिए स्वरोजगार का जरिया भी बनेगी.

इच्छुक युवा और संस्थाएं इन केंद्रों को संचालित कर आत्मनिर्भर बन सकेंगी. इसमें सभी 41 जिलों और 362 ब्लॉकों के मुख्यालय शामिल हैं.

ब्लॉक मुख्यालयों पर भी केंद्र बनेगा. इस नेटवर्क से ग्रामीण क्षेत्रों में पशु चिकित्सा सेवाओं की पहुंच आसान होगी.

बरसात और बीमारी के समय पशुपालकों को तुरंत दवा और सलाह मिल सकेगी. विभाग का दावा है कि इससे पशु उत्पादकता बढ़ेगी और पशुपालकों की आय में इजाफा होगा.

ऐसे करें आवेदनः इच्छुक अभ्यर्थी और संस्थाएं pashuaushadhi dahd.gov.in पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन कर सकती हैं.

पोर्टल पर ही पात्रता, जरूरी दस्तावेज, आवेदन शुल्क और संचालन संबंधी सभी दिशा-निर्देश उपलब्ध हैं.

पात्र युवाओं, पशुपालकों और स्वयं सहायता समूहों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में आवेदन करें और इस योजना का लाभउठाकर गांव में ही रोजगार शुरू करें.

सरकार का लक्ष्य है कि हर ब्लॉक में पशुपालक को प्रमाणित दवा समय पर और सस्ती मिले। साथ ही युवा इस व्यवसाय से जुड़कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करें.

इससे गांवों के पशुपालकों को राहत मिलेगी और आर्थिक बोझ नहीं पड़ेगा. साथ ही समय पर पशु को उपचार मिल सकेगा.

निष्कर्ष
इन विक्रय केंद्रों के माध्यम से पशुपालकों को एक ही छत के नीचे सभी जरूरी सामान आसान कीमतों पर मिलेगा. केंद्रों पर जेनरिक पशु दवाएं, खनिज मिश्रण, पशु आहार पूरक और अन्य आवश्यक पशु चिकित्सा सामग्री उपलब्ध होगी. इससे पशुपालकों को फायदा होगा.

Written by
Livestock Animal News Team

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