नई दिल्ली. पोल्ट्री फार्मिंग में मुर्गे मुर्गियों को एक सामान्य तापमान में रखने की जरूरत पड़ती है. खासतौर पर मीट के उत्पादन के लिए पाले जाने वाले मुर्गों को कुछ दिनों के लिए पाला जाता है और वो उसके बाद बेच दिए जाते हैं. इसलिए उनकी जल्दी ग्रोथ जरूरी होती है. एक्सपर्ट का कहना है कि अब पोल्ट्री फार्मिंग के लिए बहुत से पोल्ट्री फार्मर ईसी पोल्ट्री फार्म का उपयोग कर रहे हैं. ईसी पोल्ट्री फार्म यानी एनवायरमेंट कंट्रोल्ड पोल्ट्री फार्म. इसके नाम से ही आपको अंदाजा लग गया होगा कि इसका क्या काम है. इस फार्म के कई फायदे भी हैं, वो आगे को बताया जाएगा.
ईसी पोल्ट्री फार्म को अगर आसान भाषा में समझा जाए तो इसे एसी वाला फॉर्म भी कह सकते हैं. यह एक ऐसा आधुनिक मुर्गी पालन शेड होता है, जिसके अंदर तापमान हवा और नमी पूरी तरह से ऑटोमेटिक मशीनों से कंट्रोल की जाती है. जिससे मुर्गे और मुर्गियों को बेहद आसानी के साथ पाला जा सकता है और उनमें मृत्यु दर भी बिल्कुल कम दिखाई देती है.
तापमान को किया जा सकता है कंट्रोल
मान लीजिए कि गर्मियों में जब बाहर का तापमान 40 से 42 डिग्री सेल्सियस है तब ईसी फॉर्म के अंदर पैड और पंखों की मदद से इसे घटकर 22 से 24 डिग्री तक किया जा सकता है.
इसके अलावा सर्दियों में जब तापमान बाहर कम हो जाता है तो मशीनों की मदद से अंदर के तापमान को मुर्गे मुर्गियों के सहने लायक बनाया जाता है.
इस तरह के फॉर्म में मुर्गियों को दाना पानी देने के लिए हवा पास करने के लिए वेंटिलेशन और तापमान मापने के लिए सेंसर मशीन भी होती हैं.
इस तरह के फॉर्म बंद और सुरक्षित होते हैं. सामान्य पोल्ट्री फार्म की तरह खुले और हवा के प्राकृतिक भरोसे भी नहीं होते हैं. बल्कि पूरी तरह से पैक और आधुनिक तकनीक पर निर्भर होते हैं.
पोल्ट्री फार्म में बदबू एक बड़ी समस्या है लेकिन इस तरह के फॉर्म में एयर फ्लो और कूलिंग सिस्टम के कारण हजारों चूजे होने के बावजूद इसमें सामान्य फॉर्म जैसी बदबू और गंदगी नहीं फैलती है.
निष्कर्ष
सामान्य फॉर्म में मुर्गियां या मुर्गे सर्दी गर्मी में लड़ने में आपसी ऊर्जा बर्बाद करती हैं. जबकि इस तरह के फॉर्म में बेहद ही आसानी के साथ वह रहते हैं और उनका वजन भी तेजी से बढ़ता है. जिससे आगे चलकर पोल्ट्री फार्मर को फायदा मिलता है. उन्हें ज्यादा मुनाफा कमाने का मौका मिलता है.












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