Home मछली पालन Fish Aquarium: गर्म मौसम में तनावग्रस्त मछली के ये हैं लक्षण
मछली पालन

Fish Aquarium: गर्म मौसम में तनावग्रस्त मछली के ये हैं लक्षण

गर्म मौसम के दौरान आपकी मछली के तनाव का पहला संकेत है कि उसकी गिल तेजी से हिलाती है.
प्रतीकात्मक तस्वीर

नई दिल्ली. एक्वेरियम घर में हो या दफ्तर में दोनों जगहों पर खूबसूरती बढ़ाता है. कई बार एक्वेरियम में मछलियों को तापमान से जूझना पड़ता है. तपती गर्मी इंसान ही नहीं पशु और पक्षियों सभी को बेहाल कर देती है. इस गर्मी से आपके फिश एक्वेरियम की मछली भी दूर नहीं है. गर्मी के मौसम में आपके एक्वेरियम की फिश भी परेशान हो जाती है. उन्हें अच्छी देखभाल की जरूरत होती है. मछली में तनाव हो जाता है. आइये जानते है गर्म मौसम में एक्वेरियम की फिश के तनाव में होने के क्या संकेत हैं और उसके लिए क्या कर सकते हैं.

गर्म मौसम के दौरान आपकी मछली के तनाव का पहला संकेत है कि उसकी गिल तेजी से हिलाती है. या फिर सतह पर हवा के लिए हांफती है. कोरल और एनीमोन बंद हो जाएंगे और उनके पॉलीप्स या टेंटेकल्स पीछे हट जाएंगे. शैवाल की वृद्धि बढ़ सकती है और हेटरोट्रॉफ़िक बैक्टीरिया के बढ़ने के कारण पानी बादलदार हो सकता है. जब आपकी मछलियां तनाव में होती हैं, तो उनकी प्रतिरक्षा प्रणाली कमज़ोर हो जाती है और उनके बीमार होने की संभावना अधिक होती है. गंभीर मामलों में आपका फ़िल्टरेशन सिस्टम कुशलता से काम नहीं कर सकता है और विषाक्त अमोनिया और नाइट्राइट का स्तर बढ़ना शुरू हो सकता है.

मछलियां इस तापमान पर रहना करती हैं पसंद: डिस्कस, क्लाउन लोचेस, बेट्टा और रैम्स जैसी कुछ मछलियां 80 डिग्री के मध्य से ऊपरी तापमान पर पनपती हैं. अधिकांश उष्णकटिबंधीय मछलियां 74 डिग्री से 80 डिग्री फ़ारेनहाइट पसंद करती हैं. गोल्डफ़िश 60 डिग्री से 70 डिग्री फ़ारेनहाइट पर सबसे अच्छी रहती हैं और फैंसी गोल्डफ़िश को 68 डिग्री और 74 डिग्री फ़ारेनहाइट के बीच रखा जाना चाहिए. जैसे-जैसे पानी का तापमान बढ़ता है. मछली की चयापचय दर और गतिविधि का स्तर बढ़ता है. जिसका अर्थ है कि उसे अधिक ऑक्सीजन की आवश्यकता होती है.

तापमान बढ़ने पर आक्सीजन की क्षमता होती है कम: बदले में बढ़ते तापमान के साथ पानी में घुली हुई ऑक्सीजन को धारण करने की क्षमता कम हो जाती है, जिससे हमारे जलीय पालतू जानवरों के लिए दोहरा संकट पैदा होता है. समुद्री जीवों के लिए यह समस्या और भी गंभीर है. क्योंकि खारे पानी में उसी तापमान के ताजे पानी की तुलना में कम ऑक्सीजन होती है. ये तय करें कि आपके एक्वेरियम में एक सटीक थर्मामीटर हो और मौसम के गर्म होने पर उस पर नज़र रखें.

Written by
Livestock Animal News Team

Livestock Animal News is India’s premier livestock awareness portal dedicated to reliable and timely information.Every news article is thoroughly verified and curated by highly experienced authors and industry experts.

Related Articles

Under Pradhan Mantri Matsya Sampada Yojana (PMMSY) and Fisheries and Aquaculture Infrastructure Development Fund (FIDF) the Department of Fisheries has approved the development of post-harvest interface viz- cold storage, fish processing and Marketing infrastructure.
मछली पालन

Fish Farming: बिहार में मछलियों की ब्रांडिंग करने की है तैयारी, मछली किसानों को मिलेगा फायदा

नई दिल्ली. बिहार मछली उत्पादन के मामले में आगे बढ़ रहा है....

मछली पालनसरकारी स्की‍म

Fish Farming Scheme: बिना टेंशन करिए मछली पालन, नुकसान होगा तो सरकार करेगी मदद

नई दिल्ली. बाढ़, चक्रवात, जल प्रदूषण और अन्य प्राकृतिक आपदाओं के कारण...

Deep Sea fishing vessels, Ice Plants, Livelihood & Nutritional Support have been implemented in Kakinada District.
मछली पालन

Fish Farming: अगले 5 वर्षों में तीन करोड़ टन मछली उत्पादन का लक्ष्य

नई दिल्ली. भारत ने अंतर्देशीय लघु मत्स्य पालन के लिए एक अलग...

मछली पालन

Fish Farming: जयंती रोहू और अमृत कतला मछली पालकर कम वक्त में ज्यादा कमाई का मिलता है मौका

नई दिल्ली. मछली पालन एक बेहतरीन काम है और इसको करके अच्छी...