Home मछली पालन Fish Farming: पहली बार मछली पालन करने जा रहे हैं तो इस मछली को पालें, अच्छा होगा मुनाफा
मछली पालन

Fish Farming: पहली बार मछली पालन करने जा रहे हैं तो इस मछली को पालें, अच्छा होगा मुनाफा

मछली के तालाब में चूना पोषक तत्व होता है, ये कैल्शियम उपलब्ध कराने के साथ जल की अम्लीयता को कंट्रोल करता है.
मछली का तालाब.

नई दिल्ली. अगर आप पहली बार मछली पालन करना चाह रहे हैं और वह भी नए तालाब में तो यह सवाल आपको जरूर डरा रहा होगा कि कौन सी मछली पालें, जिससे ज्यादा फायदा हो या ये कहा जाए कि पहले ही साल में अच्छा मुनाफा मिले और घटा ना हो. क्योंकि कोई भी नया काम जब भी शुरू किया जाता है तो उसमें मुनाफा पहले देखा जाता है. मछली पालन का काम भी अगर आप शुरू करने वाले होंगे तो आपके दिमाग में मुनाफा चल रहा होगा. आपको बता देंगे मछली पालन में सबसे जरूरी है कि सही मछली का चयन किया जाए. तभी मुनाफा अच्छा मिल सकता है.

अगर आपका तालाब नया है और आप पहली बार मछली पालन शुरू करने जा रहे हैं तो सबसे सटीक, सबसे समझदारी भरा और सबसे कम जोखिम भरा फैसला यह है कि आप शुरुआत ग्रास कार्प मछली से करें. यानी आप तालाब में ग्रास कार्प मछली को पालें. यह मछली किसानों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है, जो पहली बार मछली पालन के काम में हाथ आजमा रहे हैं, वो इस मछली को पालें फायदा मिलेगा.

मछलियों को क्या-क्या खिलाएं
फिश एक्सपर्ट का कहना है कि इस मछली की सबसे बड़ी खूबी यह है कि इसके पालने के लिए किसी भी महंगे कंपनी वाले फ्लोटिंग फीड की जरूरत नहीं पड़ती है. जिससे आपकी लागत खुद-ब-खुद काम हो जाती है. आप अपने खेत में उगाई गई साधारण सब्जियों के पत्ते जैसे केले के पत्ते, मूली, गाजर, गोभी या फिर नेपियर घास जैसी कोई भी मुलायम हरी घास को मछली फीड के तौर दे सकते हैं, जो फिश फार्मिंग की लागत को काफी हद तक काम कर देता है. सबसे अच्छी बात यह है कि यह मछली इस फीड को बहुत ही चाव से खाती है. मछलियों को जितना भी दिया जाए वह इसे खाती ही रहती है. या ये कहा जाए कि हरा चारा इसके लिए एक बेहतरीन और स्वादिष्ट भोजन है. वहीं इससे मछलियों को जरूरी पोषक तत्व भी मिल जाता है.

इस मछली को भी पालें
यही वजह है कि ग्रास कार्प मछली को पालना आसान सस्ता होता है. हालांकि इसमें एक बात ध्यान रखना बेहद जरूरी है, कि जितना ज्यादा आप हरे चारे को तालाब में डालेंगे उतनी ज्यादा गंदगी होगी और यह गंदगी तालाब के पानी को खराब कर सकती हैं लेकिन घबराने की जरूरत नहीं है. क्योंकि इसका भी समाधान है. इसके लिए आप ग्रास कार्प के साथ मृगल मछली को भी जरूर पालें. यह मछलियां ग्रास कार्प की बीट को खाकर और तमाम वेस्ट को खाकर अपना पेट भर लेती है. पानी को साफ कर देती है और बदले में खुद बढ़ती है. इससे भी आपको फायदा मिलता है. एक तरीके से कहा जाए एक तालाब में दो मछलियों से आपको कमाई हो सकती है.

Written by
Livestock Animal News Team

Livestock Animal News is India’s premier livestock awareness portal dedicated to reliable and timely information.Every news article is thoroughly verified and curated by highly experienced authors and industry experts.

Related Articles

Under Pradhan Mantri Matsya Sampada Yojana (PMMSY) and Fisheries and Aquaculture Infrastructure Development Fund (FIDF) the Department of Fisheries has approved the development of post-harvest interface viz- cold storage, fish processing and Marketing infrastructure.
मछली पालन

Fish Farming: बिहार में मछलियों की ब्रांडिंग करने की है तैयारी, मछली किसानों को मिलेगा फायदा

नई दिल्ली. बिहार मछली उत्पादन के मामले में आगे बढ़ रहा है....

मछली पालनसरकारी स्की‍म

Fish Farming Scheme: बिना टेंशन करिए मछली पालन, नुकसान होगा तो सरकार करेगी मदद

नई दिल्ली. बाढ़, चक्रवात, जल प्रदूषण और अन्य प्राकृतिक आपदाओं के कारण...

Deep Sea fishing vessels, Ice Plants, Livelihood & Nutritional Support have been implemented in Kakinada District.
मछली पालन

Fish Farming: अगले 5 वर्षों में तीन करोड़ टन मछली उत्पादन का लक्ष्य

नई दिल्ली. भारत ने अंतर्देशीय लघु मत्स्य पालन के लिए एक अलग...

मछली पालन

Fish Farming: जयंती रोहू और अमृत कतला मछली पालकर कम वक्त में ज्यादा कमाई का मिलता है मौका

नई दिल्ली. मछली पालन एक बेहतरीन काम है और इसको करके अच्छी...