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Fisheries: विशेष घटक पैकेज योजना के जरिए मछली पालकों को बिहार सरकार दे रही लाखों रुपए की मदद

मछली में कुछ बीमारियां ऐसी हैं जो पूरे मछली के बिजनेस को नुकसान पहुंचा सकती हैं.
तालाब में पाली गई मछली की तस्वीर.

नई दिल्ली. बिहार सरकार मछली पालन को बढ़ावा देने के लिए मछली किसानों की मदद करना चाहती है. इसके लिए सरकार की तरफ से योजना भी शुरू की गई है. बिहार सरकार की तरफ से विशेष घटक पैकेज योजना चलाई जा रही है. जिसके तहत “बिहार सरकार का साथ किसानों को मिल रहा है. असल में सरकार ने विशेष घटक योजना के जरिए मछली किसानों का विकास करने का मन बनाया है. यही वजह है कि सरकार की ओर से वित्तीय वर्ष 2026-2027 में “विशेष घटक पैकेज योजना” के तहत आवेदन आमंत्रित किए जाते हैं.

इस योजना का मुख्य उद्देश्य राज्य के अनुसूचित जाति, जनजाति तथा अति पिछड़ा वर्ग के मछली किसानों को विशेष पैकेज सहायता के तहत तालाब निर्माण, बोरिंग पम्पसेट, समरसेबुल, ट्यूबवेल, सोलर पम्पसेट का अधिष्ठापन, मत्स्य इनपुट, शेड का निर्माण, यांत्रिक एरेटर आदि सम्बद्ध सहायक इकाईयों का एक “पैकेज सहायता” प्रदान किया जाना है.

योजना के बारे में डिटेल यहां जानें
वर्ष 2026-27 में “विशेष घटक पैकेज योजना” के तहत दो घटक हैं.

तालाब मात्स्यिकी विशेष सहायता और पठारी क्षेत्र तालाब निर्माण आधारित मत्स्य पालन की योजना.

यह योजना सभी जिलों के अनुसूचित जाति, जनजाति अति पिछड़ा के लिए लागू की गई है.

योजना राज्य के दक्षिण बिहार के चिन्हित पठार बाहुल्य जिला और बांका, औरंगाबाद, गया, कैमूर, नवादा, जमुई, मुंगेर, रोहतास एवं लखीसराय के अनुसूचित जाति, जनजाति के लिए चल रही है.

तालाब मात्स्यिकी विशेष सहायता योजना के जरिए अधिकतम 10.10 लाख रुपए इकाई लागत न्यूनतम यूनिट 0.4 एकड़ जलक्षेत्र के लिए सहायता दी जा रही है.

तालाब मात्स्यिकी विशेष सहायता योजना के जरिए 70 प्रतिशत तक ​सब्सिडी दी जाएगी.

पठारी क्षेत्र तालाब निर्माण आधारित मत्स्य पालन की योजना के जरिए अधिकतम 16.70 लाख इकाई लागत न्यूनतम यूनिट 0.4 एकड़ जलक्षेत्र के लिए सहायता मिलेगी. इसमें 80 फीसद सब्सिडी दी जाएगी.

ऐसे होगा चयन
अनुसूचित जाति, जनजाति, अति पिछड़ा वर्ग जिसके पास निजी लीज की भूमि उपलब्ध होनी चाहिए. तभी इस योजना के तहत आवेदक होंगे.

तालाब के निजी स्वामित्व के लिए भू-स्वामित्व प्रमाण पत्र, अद्यतन मालगुजारी रसीद, लीज के भूमि में लीज का नन-जूडीसीयल स्टांप (1000/-रुपया) पर एकरारनामा (न्यूनतम 09 वर्ष का) आवेदन के साथ अटैच करना आवश्यक होगा.

नन-ज्यूडिशियल स्टांप पर एकरारनामा के मामले में भू-स्वामी, स्वामियों से भू-स्वामित्व प्रमाण-पत्र, रसीद आवेदन के साथ अटैच करना आवश्यक होगा.

लाभार्थीयों के द्वारा मोबाईल नं० तथा बैंक शाखा का नाम, बैंक खाता संख्या, आईएफएससी कोड अंकित किया जाएगा.

जाति प्रमाण पत्र, प्रशिक्षण प्रमाण पत्र, आधार कार्ड नंबर, राशन कार्ड नंबर, मतदाता पहचान प्रमाण पत्र, जमीन का नक्शा की अभिप्रमाणित प्रति संलग्न की जाएगी.

आवेदन की प्रक्रिया
योजना के लिए आवेदन http://fisheries.bihar.gov.in/ पर ऑनलाईन किए जा सकते हैं.

इस योजना की विस्तृत जानकारी 01.06.2026 से विभागीय वेबसाईट http://state.bihar.gov.in/ahd/CitizenHome.html पर उपलब्ध है.

डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग के (मत्स्य प्रभाग) बिहार सरकार द्वारा इस योजना को चलाया जा रहा है.

Written by
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